Agra : कलश यात्रा में गूंजे जयघोष, जगह-जगह हुई पुष्प वर्षा
ज्ञान, भक्ति और वैराग्य की त्रिवेणी है श्रीमद् भागवत पुराण : इंद्रेश

मनोहर समाचार, आगरा। श्री बल्केश्वर महादेव भक्त मंडल द्वारा आयाजित श्रीमद भागवत सप्ताह का शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर निकाली गई कलश यात्रा में भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। एक हजार से अधिक महिलाओं की कलश यात्रा में सहभागिता रही। पहले दिन की कथा में विख्यात कथा वाचक इंद्रेश उपाध्याय ने मंगलाचरण, भीष्म स्तुति के साथ ही श्रीमद् भागवत का महात्म्य समझाया।

बल्केश्वर महादेव मंदिर में उपासना करने के बाद मंदिर के महंत पं.कपिल नागर ने सतरंगी ध्वजा दिखा कर कलश यात्रा का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल रहे। बैंडबाजों के साथ निकाली कलश यात्रा में केसरिया, पीत वस्त्र पहने हुए महिलाएं कलश लेकर चल रही थीं। जयघोष, मंगल गीत, भक्ति गीत गुंजायमान हो रहे थे। पुरुष भी जयघोष कर रहे थे।
कलश यात्रा के अंत में फूलों से सजी बग्घी में ठाकुर जी की मनोहक छवि थी। जिसकी स्थान-स्थान पर आरती उतारी और पुष्प वर्षा की। कलश यात्रा का भी स्थान-स्थान पर स्वागत किया गया।

कलश यात्रा में मुख्य यजमान हरीश तरुना अग्रवाल, गौरी शंकर काजल अग्रवाल, आदर्श नन्दन गुप्त, डौली अग्रवाल, रेखा अग्रवाल, अंजू अग्रवाल, कमला गोयल, सोनिया अग्रवाल, ललिता देवी, अर्चना बंसल, मनीषा अग्रवाल, सपना अग्रवाल, चंचल अग्रवाल, ममता शर्मा, आशा अग्रवाल आदि मौजूद रहीं।

शाम को बल्केश्वर पार्क में श्री मद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। पहले दिन इंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि “श्रीमद् भागवत कथा भक्ति, वैराग्य और ज्ञान की त्रिवेणी का सागर है। कलयुग जो इसके सुनेगा, उसका कल्याण अवश्य होगा।”

चाक चौबंद व्यवस्था
पंडाल में जहां मंदिर के स्वयंसेवक व्यवस्था देख रहे हैं। वहीं भक्तिपथ संस्था के कार्यकर्ता मुस्तैदी से आगंतुकों को सुविधा दे रहे हैं। पंडाल में चारों तरफ कैमरे भी लगे हैं। महिला और पुरुष बाउंसर भी तैनात हैं।

कथा में आरती उतारने वाले
हरीश अग्रवाल, जुगनू, तरूना अग्रवाल, महेश चन्द अग्रवाल, मीडिया प्रभारी ऋषि अग्रवाल, आशीष गुप्ता, पदम अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, विशनू भगवान गोयल, शिवांग अग्रवाल, निहाल चन्द गोयल, गिरीश बंसल आदि रहे।
इंद्रेश जी के पिताजी विख्यात भगवताचार्य कृष्णचंद्र शास्त्री ठाकुर जी भी कार्यक्रम में पधारे और उन्होंने अपने सुपुत्र इंद्रेश को आशीर्वाद दिया। व्यास पीठ से इंद्रेश जी ने भी अपने पिता कृष्ण चंद्र ठाकुर जी को पुष्पमाला पहनाई। ठाकुर जी का स्वागत बल्केश्वर महादेव मंदिर के महंत कपिल नागर ने किया।

ब्रज का द्वार है आगरा:कृष्ण चंद्र ठाकुर
कृष्ण चंद्र ठाकुर ने कहा कि “आगरा ब्रज का द्वार है। यहीं से बृज शुरू हो जाता है। यहां पर ब्रज की संस्कृति, भाषा, परम्परा मिलती है। इसलिए यहां कथा होना बहुत सौभाग्य है। बृज के द्वार पर इंद्रेश उपाध्याय की पहली कथा है।”

आगरा तो घर जैसा है
इंद्रेश ने कहा कि “आगरा तो बृज में ही है, घर जैसा है। पता चला हे कि यहां के लोग भी ब्रज भाषा बोलते हैं। इसलिए यहां बृज भाषा बोलने में मुझे भी कोई संकोच नहीं। आप सभी बृज भाषा भजन भक्ति भाव से गाया करो।”





