Agra : नानकशाही नववर्ष पर गुरुद्वारा दशमेश दरबार में हुई अमृतमयी गुरबाणी

मनोहर समाचार, आगरा। नानकशाही संवत 558 के पावन आगमन पर गुरुद्वारा दशमेश दरबार, शहीद नगर विभव नगर में बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ धन धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन हजूरी में अमृतमयी गुरबाणी कीर्तन समागम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साध संगत ने उपस्थित होकर नए नानकशाही वर्ष का स्वागत किया और एक-दूसरे को बधाइयाँ दीं।

समागम की शुरुआत सोदर रहिरास साहिब जी के पाठ से हुई। पाठ ज्ञानी मनसा सिंह ने किया। इसके पश्चात हज़ूरी रागी भाई हरजिंदर सिंह जी (विक्की वीर) ने अपने मधुर गुरबाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया। वहीं विशेष रूप से लखनऊ से पधारे भाई सुखप्रीत सिंह एवं उनके साथियों ने भी इलाही गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कीर्तन के दौरान गुरुद्वारे में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। अंत में अरदास और हुकुमनामा के साथ समागम का समापन हुआ तथा गुरु का अटूट लंगर बरता गया, जिसमें संगत ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर गुरुद्वारा दशमेश दरबार प्रधान हरपाल सिंह एवं समूह प्रबंधक कमेटी ने सभी संगत को नानकशाही नववर्ष की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि “ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में भाईचारे, सेवा और गुरमत की भावना को बल मिलता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति से समागम अत्यंत सफल और प्रेरणादायी रहा।
इस दौरान मुख्य रूप से प्रधान हरपाल सिंह, राजू सलूजा, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, मलकीत सिंह, गुरिंदर सिंह, इंद्रजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह लवली, देवेंद्र सिंह जुल्का, सुरेंद्र सिंह लाडी, हरजीत सिंह, संजय सेठ आदि उपस्थित रहे।





