धर्म

Agra : श्री प्रेमनिधि मंदिर में प्रगटे नृसिंह भगवान भक्त हितकारी

मनोहर समाचार, आगरा। नाई की मंडी, कटरा हाथी शाह स्थित श्री प्रेमनिधि मंदिर में चल रहे श्री पुरुषोत्तम (अधिक मास) मनोरथ महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को ठाकुर श्री श्याम बिहारी (श्री बड़े गोविन्द) जी महाराज के समक्ष ‘नृसिंह जयंती’ का पावन मनोरथ अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए अवतरित भगवान नृसिंह के प्राकट्य दिवस पर मंदिर परिसर विशेष आध्यात्मिक छटा से आलोकित दिखाई दिया।

पुष्टिमार्गीय परंपरा में भगवान श्रीकृष्ण को ‘पूर्ण पुरुषोत्तम’ माना गया है और समस्त अवतार उनके ही स्वरूप में समाहित माने जाते हैं। नरसिंह जयंती के अवसर पर ठाकुर जी में भगवान नृसिंह के उग्र, तेजस्वी और भक्त-रक्षक स्वरूप के दर्शन किए गए। मान्यता के अनुसार हिरण्यकशिपु का संहार करने के उपरांत भगवान नृसिंह का क्रोध अत्यंत प्रचंड था, इसलिए पुष्टिमार्ग में इस दिन प्रभु को शीतलता प्रदान करने हेतु विशेष सेवा की जाती है।

अधिकमास के 13वें दिन आयोजित इस विशेष मनोरथ में ठाकुर जी को चंदन का लेप अर्पित किया गया तथा भीगे हुए कतीरे, पना, फालसा, सत्तू और शीतल पेयों का विशेष भोग लगाया गया। मंदिर परिसर में कीर्तनकारों द्वारा नृसिंह अवतार एवं भक्त प्रह्लाद चरित्र से संबंधित पारंपरिक पदों का सुमधुर गायन किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।

मुख्य सेवाधारी हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि पुष्टिमार्ग में प्रभु के प्रत्येक स्वरूप की सेवा का विशिष्ट भाव होता है। नरसिंह जयंती पर ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी में ही भगवान नृसिंह के दर्शन किए गए। इस अवसर पर प्रभु को लाल रंग के विशेष नूतन वागा धारण कराए गए, जो उनके तेज एवं उग्र स्वरूप का प्रतीक हैं।

सेवा अधिकारी सुनीत गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान नृसिंह के उग्र रूप को शांत करने के भाव से प्रभु को चंदन का लेप अर्पित किया गया तथा भीगे हुए कतीरे का विशेष भोग लगाया गया। इसके साथ ही पना, शर्बत और फालसे का नेग भी अर्पित किया गया। कीर्तन सेवा एवं भक्ति संगीत ने उत्सव को और अधिक दिव्यता प्रदान की।

मंदिर प्रशासक दिनेश पचौरी ने बताया कि अधिकमास मनोरथ के अंतर्गत आयोजित नरसिंह जयंती के विशेष दर्शनों के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भगवान नृसिंह के इस अद्भुत स्वरूप के दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे। दर्शनार्थियों के लिए सुगम दर्शन एवं महाप्रसादी की विशेष व्यवस्था की गई थी।

मनोरथ के चरण सेवक निर्मल धाकड़ रहे। इस अवसर पर प्रभु की सेवा एवं व्यवस्थाओं में मुख्य रूप से आशीष बल्लभ, सचेंद्र शर्मा, राजेश धाकड़, सागर शिवहरे, आदित्य पचौरी, अंकित शर्मा, हर्षुल आदि उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button