धर्म

Agra : भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का दिव्य मिलन आत्मा और परमात्मा के प्रेम का प्रतीक : नीरज नयन महाराज

मनोहर समाचार, आगरा। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर माधवी अग्र महिला मंडल द्वारा लोहामंडी स्थित अग्रसेन भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के छठवें दिवस रास पंचाध्यायी एवं रुक्मिणी विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं भक्तिमय वर्णन किया गया। कथा व्यास नीरज नयन महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला और रुक्मिणी विवाह का दिव्य प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर कर दिया।

कथा में जैसे ही महाराजश्री ने महारास का वर्णन किया, पूरा कथा पंडाल “राधे-राधे” और “श्याम प्यारे की जय” के उद्घोषों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालु भजनों पर झूम उठे और वातावरण पूर्णतः कृष्णमय हो गया। रुक्मिणी विवाह प्रसंग के दौरान महिलाओं ने मंगलगीत गाए तथा श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी जी के दिव्य विवाह का उत्सव मनाया

परीक्षित बने रघुवीर सहाय जैन, आभा जैन, दैनिक यजमान कुसुम गर्ग, राधा कृष्ण स्वरूप, प्राची, सोनल ने व्यास पूजन किया।

कथा व्यास नीरज नयन महाराज ने कहा कि रास पंचाध्यायी केवल नृत्य या लीला नहीं, बल्कि जीव और परमात्मा के मधुर मिलन का दिव्य प्रतीक है। गोपियों का श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण हमें निष्काम प्रेम, भक्ति और पूर्ण आत्मसमर्पण का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि रुक्मिणी विवाह प्रसंग यह सिखाता है कि सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास से भगवान स्वयं अपने भक्त की रक्षा करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, धर्म, नीति और करुणा का अद्भुत संदेश देता है।

संस्था अध्यक्ष पुष्पा अग्रवाल ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में आयोजित कथा महोत्सव में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं। कथा के साथ भगवान नाम संकीर्तन एवं भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया जा रहा है।

कार्यक्रम में सचिव ऊषा बंसल, स्नेह लता अग्रवाल, शिल्पी, मंजू गोयल, यादुराज, छीतरमल, नीरज गर्ग, राकेश गर्ग, बीडी अग्रवाल, उत्तम प्रकाश आदि उपस्थित रहे।

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