धर्म

Agra : भागवत कथा है कलियुग का श्रेष्ठ साधन : स्वामी रामप्रपन्नाचार्य जी महाराज

कलशों की पावन छटा और जयघोषों से गूंजा कालिंदीपुरम

-श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का हुआ शुभारंभ
-अनंत श्री विभूषित स्वामी श्री रामप्रपन्नाचार्य जी महाराज, श्रीधाम वृंदावन हैं कथा व्यास
-मुख्य यजमान मनीष अग्रवाल एवं शिवानी अग्रवाल ने किया श्रद्धालुओं का स्वागत

मनोहर समाचार, आगरा। पंचेश्वर महादेव मंदिर, कालिंदीपुरम कॉलोनी, मऊ रोड, खंदारी बायपास चौराहा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर सोमवार को भव्य 251 कलश यात्रा निकाली गई। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और जयघोषों के बीच निकली कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।

कलश यात्रा का शुभारंभ पंचेश्वर महादेव मंदिर परिसर से विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुआ। सिर पर मंगल कलश धारण किए महिलाओं एवं युवतियों की लंबी कतारें आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालु भगवान शिव, राधे-कृष्ण एवं श्रीमद्भागवत महापुराण के जयघोष करते हुए भक्ति रस में सराबोर नजर आए। यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः मंदिर परिसर में संपन्न हुई।

इस अवसर पर कथा व्यास अनंत श्री विभूषित स्वामी श्री रामप्रपन्नाचार्य जी महाराज, श्रीधाम वृंदावन के सान्निध्य में गणेश पूजन एवं कलश स्थापना के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। उन्होंने कलश पूजन एवं श्रीमद्भागवत महात्म्य पर कहा कि कलश भारतीय संस्कृति में मंगल, पवित्रता और दिव्य चेतना का प्रतीक है। कलश स्थापना के माध्यम से देव शक्तियों का आह्वान किया जाता है, जिससे समस्त धार्मिक अनुष्ठान सफल एवं फलदायी बनते हैं।

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की साक्षात् वाङ्मयी मूर्ति है। भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संचार करता है। कलियुग में श्रीमद्भागवत कथा ही वह सरल साधन है, जिसके माध्यम से व्यक्ति सांसारिक मोह-माया से मुक्त होकर ईश्वर की कृपा प्राप्त कर सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा का नियमित श्रवण कर अपने जीवन को धर्ममय, संस्कारवान एवं सुखमय बनाने का आह्वान किया।

मुख्य यजमान मनीष अग्रवाल एवं शिवानी अग्रवाल ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को सद्मार्ग की ओर प्रेरित करने वाली दिव्य ज्ञान गंगा है। कथा श्रवण से मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक जागरण और सकारात्मक परिवर्तन का संचार होता है।

जगदीश प्रसाद लवानिया ने बताया कि कथा महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सायं 4 बजे से 7 बजे तक विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा में उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।

कलश यात्रा एवं कथा शुभारंभ कार्यक्रम में पंकज अग्रवाल, नीलू अग्रवाल, सरोज बाला अग्रवाल, जगमोहन गौतम, नानक चंद मिश्रा, कैलाश गौतम, जेपी शर्मा, शैलेंद्र सिंह दरोगा जी, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, संजीव सिंह, निशांत सिंह कन्नू पार्षद, क्षेत्रपाल सिंह, यश कुमार दुबे, प्रीति मिश्रा, भू देवी राजपूत, कृष्ण सिंह, सारिका सिंह, इशिता सिंह, शानवी सिंह आदि उपस्थित रहे।

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