Agra : दांपत्य जीवन में सम्मान ही सबसे बड़ा धर्म है: मृदुल कांत शास्त्री
शिवपुराण कथा में गूंजा सती चरित्र और पार्वती जन्म प्रसंग

मनोहर समाचार, आगरा। श्री शिव महापुराण कथा के तृतीय दिवस श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। सती चरित्र और माता पार्वती जन्म प्रसंग के भावपूर्ण वर्णन ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा व्यास मृदुल कांत शास्त्री ने शिव-पार्वती के दिव्य जीवन को गृहस्थ धर्म का आदर्श बताते हुए कहा कि प्रेम, सम्मान, विश्वास और समर्पण ही परिवार को सुखी और मजबूत बनाते हैं। कथा स्थल पर भक्ति रस के बीच श्रद्धालु शिव नाम में लीन रहे।

महाराजा अग्रसेन भवन, लोहा मंडी में शिव परिवार संस्था द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के तृतीय दिवस मंगलवार को कथा स्थल शिवभक्ति और आध्यात्मिक भावों से सराबोर रहा। कथा आरंभ होने से पूर्व मुख्य यजमान छोटेलाल बंसल एवं कांता बंसल ने विधिवत व्यास पूजन कर कथा व्यास का आशीर्वाद प्राप्त किया। केंद्र राज्य मंत्री प्रो एस पी सिंह बघेल ने व्यास पीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया ।
कथा व्यास मृदुल कांत शास्त्री ने सती चरित्र एवं पार्वती जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव और माता सती का जीवन त्याग, विश्वास, समर्पण और मर्यादा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी का संबंध केवल सांसारिक बंधन नहीं, बल्कि आत्मिक विश्वास और धर्म का आधार है। जहां परस्पर सम्मान, विश्वास और समर्पण होता है, वहीं परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
कथा व्यास ने बताया कि माता सती ने अपने पति भगवान शिव के सम्मान को सर्वोपरि मानते हुए आत्मबलिदान देकर संसार को यह संदेश दिया कि दांपत्य जीवन में एक-दूसरे के सम्मान की रक्षा सबसे बड़ा धर्म है। वहीं माता पार्वती का जन्म और उनका कठोर तप यह दर्शाता है कि सच्ची भक्ति, धैर्य और संकल्प से परम लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
मृदुल कांत शास्त्री ने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती का वैवाहिक जीवन गृहस्थ आश्रम के लिए आदर्श है। भगवान शिव विरक्ति के प्रतीक हैं, तो माता पार्वती शक्ति और परिवार की आधारशिला। दोनों मिलकर जीवन में संतुलन, प्रेम, संयम और कर्तव्य का संदेश देते हैं। शिव-पार्वती से हमें सीख मिलती है कि परिवार में संवाद, धैर्य और एक-दूसरे के प्रति निष्ठा जीवन को सुखमय बनाती है।
कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव से कथा श्रवण करते रहे और शिव नाम संकीर्तन से पूरा परिसर गुंजायमान रहा। कथा स्थल पर आगरा के सप्त शिवालयों की आकर्षक झांकियां और भक्तिमय सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
शिव परिवार संस्था के सदस्य अखिल मोहन मित्तल ने बताया कि बुधवार को कथा के चतुर्थ दिवस शिव-पार्वती विवाह प्रसंग महोत्सव के रूप में दिव्यता और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। कथा स्थल पर भगवान शिव की बारात, मंगल गीत और विवाह उत्सव की विशेष झांकियां सजाई जाएंगी।
इस अवसर पर नीरज अग्रवाल, सलिल गोयल, आशीष अग्रवाल, दीपांशु अग्रवाल, अश्विनी बंसल, आकाश अग्रवाल, अनुरंजन सिंघल, वीरेंद्र सिंघल, निखिल गर्ग, महेश गोयल, जितेंद्र जैन, अनूप अग्रवाल, मुकेश गोयल, मनोज अग्रवाल, सरजू बंसल, छुट्टन जैन, प्रशांत मित्तल, जितेंद्र गोयल, गौरव मित्तल, सुनील गोयल, राकेश अग्रवाल, महावीर प्रसाद मंगल, अंजना अग्रवाल, सीमा गोयल, अमीषा अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।





