Agra : वनवास गमन और केवट प्रसंग ने भावुक किए श्रद्धालु, रामभक्ति में डूबा कथा पंडाल

श्रीराम कथा के सातवें दिवस कथा व्यास ने भक्ति और समर्पण का संदेश दिया, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने किया व्यास पूज
मनोहर समाचार, आगरा। गणेश दुर्गा महोत्सव कमेटी के तत्वावधान में लंगड़े की चौकी, शास्त्री नगर स्थित श्री हनुमंत धाम में चल रही 10 दिवसीय श्रीराम कथा के सातवें दिवस भगवान श्रीराम के वनवास गमन और केवट प्रसंग का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया गया। कथा व्यास भरत उपाध्याय के भावपूर्ण वर्णन से कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति और भावनाओं में सराबोर हो उठे।
कथा के सातवें दिवस कथा व्यास भरत उपाध्याय ने भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वनवास गमन के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीराम ने पिता के वचन की मर्यादा को निभाने के लिए राजसुख का त्याग कर वन का मार्ग स्वीकार किया। यह प्रसंग त्याग, कर्तव्य और आदर्श जीवन का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत करता है।
उन्होंने केवट प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि निषादराज और केवट की भक्ति हमें यह सिखाती है कि भगवान के प्रति सच्चा प्रेम और समर्पण ही सबसे बड़ी भक्ति है। केवट ने प्रभु श्रीराम के चरण धोकर उन्हें नाव में बैठाया और अपने प्रेम व भक्ति का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने आचरण से यह संदेश दिया कि उनके लिए कोई बड़ा या छोटा नहीं है, सच्चे भाव से किया गया प्रेम ही उन्हें प्रिय है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने व्यास पूजन के पश्चात श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि धार्मिक कथाओं के आयोजन समाज को सही दिशा देने का कार्य करते हैं। भारत की पहचान उसकी संस्कृति से है और संस्कृति की रक्षा संस्कारों से होती है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कार देने का सबसे बड़ा दायित्व माता का होता है। इसलिए जब भी कथा सुनने आएं तो अपने बच्चों को साथ अवश्य लेकर आएं, ताकि नई पीढ़ी अपने संस्कारों, देवी-देवताओं, कथाओं और पौराणिक मान्यताओं से परिचित हो सके।
डॉ. बबीता चौहान ने कहा कि उन्होंने हाल ही में निर्देश जारी किया है कि पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई मोबाइल के माध्यम से न कराई जाए। यदि स्कूल और बच्चों के बीच मोबाइल का अनुचित प्रयोग होता दिखाई दे तो इसकी शिकायत महिला आयोग से की जा सकती है। उन्होंने कहा कि उनका मोबाइल 24 घंटे खुला रहता है और वह प्रदेश भर में लगातार दौरा कर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही हैं।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने कहा कि रामकथा भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का आधार है। श्रीराम का जीवन हमें कर्तव्य, मर्यादा और आदर्श जीवन का मार्ग दिखाता है।
कथा विश्राम के पश्चात श्रीरामचरितमानस जी की आरती गिरिराज जी से आए हरवीर बाबा, लखन दास बाबा, डॉ. बबीता सिंह चौहान, राकेश गर्ग, गोपी गुरु जी, चेयरमैन रामकुमार शर्मा, डॉ. दीपेश उपाध्याय, सोनी सिंह, राजीव दुबे, लालू जादौन, जयदीप ग्रोवर, शालू गुप्ता, डॉ. एस.पी. शर्मा, डॉ. राधाकृष्णन गुप्ता सहित अन्य श्रद्धालुओं ने उतारी।





