धर्म

Agra : निर्जला एकादशी पर श्री खाटू श्याम मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सागर

भव्य फूल बंगला श्रृंगार, महाआरती और छप्पन भोग से सजे श्याम बाबा, भक्तों ने पाया पुण्य लाभ

मनोहर समाचार, आगरा। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर जीवनी मंडी स्थित श्री खाटू श्याम जी मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर में भव्य फूल बंगला श्रृंगार, विशेष पूजन, महाआरती एवं छप्पन भोग का आयोजन किया गया। प्रातःकाल मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं और पूरे दिन श्याम भक्तों का तांता लगा रहा।

मंदिर को लाल, गुलाबी, सफेद एवं पीले रंगों के सुगंधित पुष्पों से आकर्षक रूप से सजाया गया। मनमोहक फूल बंगला श्रृंगार के मध्य विराजमान श्याम बाबा के दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे। इस अवसर पर बाबा का विशेष श्रृंगार मखाने, अंजीर एवं इलायची की मालाओं से किया गया। स्वर्ण मुकुट एवं कुंडल धारण कर खाटू नरेश ने भक्तों को दिव्य दर्शन दिए। श्याम बाबा की अलौकिक छवि ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

श्री खाटू श्याम जी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष दिनेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि सनातन धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आने वाली यह तिथि वर्ष की सभी 24 एकादशियों के समान पुण्य प्रदान करने वाली मानी गई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन बिना जल ग्रहण किए व्रत रखने तथा भगवान विष्णु और उनके कलियुग अवतार माने जाने वाले खाटू श्याम जी का पूजन करने से समस्त पापों का क्षय होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि निर्जला एकादशी आत्मसंयम, तप, त्याग और सेवा की भावना का संदेश देती है।

उन्होंने बताया कि दिवस विशेष की सेवा, श्रृंगार, पोशाक, राजभोग एवं छप्पन भोग सेवा अवधेश एवं मोनू द्वारा श्रद्धाभाव से संपन्न कराई गई। महाआरती के समय मंदिर परिसर श्याम नाम के जयघोष और भजनों से गूंज उठा। भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं मंगलकामना के लिए बाबा के चरणों में प्रार्थना की।

गर्मी को देखते हुए मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पूरे दिन सेवा स्वरूप ठंडे दूध एवं शरबत का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर सेवा कार्य में सहयोग प्रदान किया।

मंदिर की व्यवस्था हेमेंद्र अग्रवाल, संजय अग्रवाल, अमित गोयल, विपिन बंसल, विकास गोयल आदि ने संभाली।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button