Agra : फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2026 में चैम्बर ने फूड प्रोसेसिंग विषय पर सत्र का किया आयोजन
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में अपार संभावनाएं - चैम्बर अध्यक्ष

-सरकार द्वारा खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिये दी जा रही विशेष सब्सिडी व विभिन्न लाभकारी योजनाएं – मंजू भदौरिया
-खाद्य सुरक्षा मनाक अधिनियम-2006 का किया जाये उद्योगों में पूर्णतः पालन
-खाद्य प्रसंसकरण उद्योगों के बारे में दी गयी पूर्ण जानकारी
-एफएसएसएआई एनआरओ होने जा रहा है शीघ्र प्रारंभ
मनोहर समाचार आगरा। चैम्बर द्वारा फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2026 में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल की अध्यक्षता में फूड प्रोसेसिंग विषय पर एक सत्र का आयोजन मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया एवं सहायक खाद्य आयुक्त महेन्द्र, खाद्य प्रसंस्करण से शहनाज के साथ किया गया। चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने कहा कि फूड इंडस्ट्री के संबंध में 3 दिवसीय एक्सपो खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिये मील का पत्थर साबित होगी। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में अपार संभावनाएं हैं यह एक वह समुद्र है जिसमें अनेकोनेक उद्योगा के अवसर छिपे हुए हैं। यह एक्सपो आगरा के खाद्य प्रसस्करण के उद्योेंगो के हित एवं बेहतर स्थान प्रदान करेगा। केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा भी खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ाने के लिये निरन्तर योजनाएं लागू की जा रही हैं बशर्ते हमें उनकी सही ज्ञान होने पर उनका भरपूर लाभ लिया जा सकता है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में उद्यमियों को खाद्य की गुणवत्ता व उनकी पैकेजिंग पर विषेश ध्यान देना चाहिये। खाद्य सुरक्षा से जुडे मानकों को गहनता से पूरा करना चाहिये तथा उनका अनुसरण करना चाहिये। उन्होंने कहा कि देश की प्रत्येक घर से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग प्रारंभ किया जा सकता है। जिसमें सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की सब्सिडी दी जा रही है तथा इस उद्योग को प्रारंभ करने के लिये विभिन्न प्रकार के ऋणों के नियमों में भी सरलीकरण किया गया है। फिलहाल देखा जा रहा है कि खाद्य उत्पादों को ड्राईफ्रीज करने अपने उत्पाद को 6 माह तक उपयोग किया जा सकता है। खाद्य प्रसंस्रकण उद्योग के लिये सबसे अधिक प्रचार प्रसार की आवश्यकता है।

चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के लिये चैम्बर सदैव तत्पर है। उद्यमियों के लिये चैम्बर के द्वार हमेशा खुले हुए हैं। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देेने के लिये चैम्बर द्वारा ऐसे ही खाद्य प्रसस्करण सत्र आयोजित किये जाते रहेंगे जिससे उद्यमी एवं व्यापारी खाद्य प्रसंस्करण के नियमों व उनके बारे में जागरूक होते रहें।
पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में उत्पादन करना व उसका विक्रय करना व उपभोक्ता के लिये उसे लोकपिय बनाना सबसे बड़ा कार्य है। क्योंकि फूड इंडस्ट्री में गुणवत्ता पर विशेष कार्य करना चाहिये तथा समय-समय पर परिवर्तन करते हुए उसके उत्पादन को बेहतर बनाया जाना चाहिये।
चैम्बर के खाद्य प्रसंस्करण प्रकोष्ठ के चेयरमैन विकास चतुर्वेदी ने कहा कि इस एक्सपों में लगभग 160 स्टॉल लगायी गयी हैं तथा विगत 3 दिनों से लगभग 5 राज्यों से विजीटर द्वारा इस एक्सपो में भाग लिया गया है। तथा विभिन्न विभिन्न सत्रों के माध्यम से सरकार की योजनाओं व सब्सिडी के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी है जिससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को आगे बढ़ाया जा सके।
खाद्य प्रसंस्करण के सहायक आयुक्त महेन्द्र द्वारा खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी सदस्यों को प्रदान की गयी। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा औशधी प्रशासन उद्यमियों एंव व्यापरियों के हित में कार्य करने के लिये प्रतिबद्व है।
एफएसएसएआइ नई दिल्ली भारत सरकार से आयी प्रीति सिंह द्वारा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में सलग्न उद्यमियों एवं व्यापारियों की जिज्ञासाओं के बारे में उत्तर दिया गया। उन्होंने कहा कि एनुअल रिटर्न 31 मई तक भरना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही एफएसएसएआई की बेबसाइट पर खाद्य मानकों के सभी पैरामीटर अपडेट हैं इसलिये सभी उद्यमियों को एफएसएसएआई से अपडेट रहते रहना चाहिये। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही एफएसएसएआई – एनआरओ सोशल मीडिया पर प्रारंभ होने जा रहा है जिसमें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की समस्त जानकारियों उपलब्ध रहेंगी।
खाद्य प्रसंस्करण से आये शहनाज ने कहा कि गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष स्टॉलों में हुई बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि फूड एक्सपो की लोकिप्रियता में निरन्तर वृद्धि हुई है। विभाग हमेशा उद्यमियों के साथ है तथा खाद्य प्रसंस्करण उधोगों की स्थापना में सहयोग करने हेतु पूर्णतः तत्पर है।

जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया ने कहा कि देश को समृद्ध व विकसित बनाने में किसान का बड़ा योगदान होता है। वह अन्नदाता होता है। किसी भी देश का विकास युवाआंे को रोजगार, किसानों का पूर्ण सहयोग व उद्योगों का विकास पर निर्भर करता है। फूड प्रोसेसिंग पर आयोजित सत्र से जो जानकारी दूर दराज से आये व्यापारियों व उद्यमियों को दी गयी है उसका लाभ उनको उद्योग एवं व्यापार को आगे बढ़ाना में सहायक होगा। हम सभी को मिलकर एक अच्छे राष्ट्र व स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में अपनी सहभागिता प्रदान करनी चाहिये।
सत्र में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, उपाध्यक्ष अम्बा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, राजकुमार भगत, खाद्य प्रसंस्करण प्रकोष्ठ के चेयरमैन विकास चतुर्वेदी, सुनील सिंघल, रविशंकर अग्रवाल, विवेक जैन, नीरज अग्रवाल, संजय अरोरा, अंशुल अग्रवाल, राजेश अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।





