Agra : सच्चे भक्त का सम्मान स्वयं भगवान करते हैं : चैतन्य हरिचरत जी महाराज

-श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में सुदामा चरित्र ने श्रद्धालुओं की आंखें कीं नम, मित्रता और भक्ति का दिया अमूल्य संदेश
मनोहर समाचार, आगरा। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर प्राचीन सीताराम मंदिर, वजीरपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के सप्तम एवं अंतिम दिवस द्वारिका लीला, सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष एवं भागवत महापुराण पूजन का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास भागवताचार्य श्री चैतन्य हरिचरत जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की दिव्य मित्रता का मार्मिक प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए महाराज श्री ने कहा कि भगवान केवल भाव के भूखे होते हैं। सुदामा के पास भगवान को अर्पित करने के लिए केवल मुट्ठीभर चावल थे, लेकिन उनकी निष्काम भक्ति और प्रेम ने भगवान श्रीकृष्ण को इतना भावुक कर दिया कि उन्होंने अपने मित्र के जीवन को सुख-समृद्धि से भर दिया। यह प्रसंग सिखाता है कि भगवान के समक्ष धन, वैभव और बाहरी आडंबर का नहीं, बल्कि सच्चे प्रेम और समर्पण का महत्व होता है।

उन्होंने कहा कि सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता संसार को यह संदेश देती है कि सच्चा मित्र वही होता है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने मित्र के प्रति प्रेम और सम्मान बनाए रखे। भगवान श्रीकृष्ण ने राजा होते हुए भी अपने निर्धन मित्र सुदामा का जिस आत्मीयता से स्वागत किया, वह मानवता और मित्रता का सर्वोच्च आदर्श है।
परीक्षित मोक्ष प्रसंग का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने कहा कि मानव जीवन क्षणभंगुर है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन का सदुपयोग धर्म, भक्ति और सत्कर्मों में करना चाहिए। श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रवण मनुष्य को मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर करता है और जीवन को सार्थक बनाता है।

मुख्य यजमान निरंजन लाल सारस्वत एवं आशा सारस्वत ने व्यासपीठ का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर महंत अनंत उपाध्याय एवं कार्यक्रम संयोजक मनीष अग्रवाल ने बताया कि सोमवार प्रातः 8 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन एवं पूर्णाहुति संपन्न होगी और सायं श्री खाटू श्याम जी की भजन संध्या के साथ ही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा महोत्सव का विधिवत विश्राम होगा।
इस अवसर पर गोपी गुरु, शकुन बंसल, पार्षद मुरारी लाल गोयल, डॉ. हरेंद्र गुप्ता, अनंत उपाध्याय, मुकेश शर्मा, आयुष उपाध्याय, पंकज शास्त्री, विकास शर्मा, सुमन सुराना, विजय रोहतगी, अरविंद गुप्ता, अतुल गुप्ता, मनोज कुमार गुप्ता, मनोज बंसल आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।





