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Agra : चैम्बर द्वारा उठायी समस्याओं के निस्तारण करने का एमएसएमई मंत्री उप्र ने दिया आश्वासन

विकसित भारत 2047 बनाने में उप्र की है महत्वपूर्ण भूमिका- एमएसएमई मंत्री

मुख्यमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश को निवेश के अनुकूल वातावरण बनाने का किया गया है पूर्ण प्रयास

एमएसएमई की योजनाओं का लाभ हर वर्ग का पहुँचाने का किया जा रहा प्रयास

आगरा में एकल खिडकी योजना लागू करने की चैम्बर ने की मांग

आगरा में गैर प्रदूषणकारी उद्योगों की स्थापना किये जाने व गैर प्रदूषणकारी उद्योगों को विद्युत कनैक्षन दिये जाने की चैम्बर ने की पुरजोर पहल

प्रधानमंत्री की आत्म निर्भर भारत योजना को सफल बनने का मंत्री ने दिया जोर

सरकार की मंशा उद्योगों को दिया जाये बढ़ावा – मंत्री

ताज संरक्षित क्षेत्र की माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पैरवी करने वाले सरकारी अधिवक्त से बैठक कराने की चैॅबर ने की मांग

विद्युत कनेक्शन की समस्या को शीघ्र निस्तारित कराने का दिया आश्वासन – मंडलायुक्त

एमएएसएमई शीघ्र ही सिंगल विन्डो खोलने का दिया आश्वासन – विजयेन्द्र पांडियन, आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, उप्र

आयुक्त एवं निदेशक उद्योग, उप्र द्वारा सीएम युवा योजना के बारे में विस्तार से बताया

मनोहर समाचार, आगरा । चैम्बर द्वारा विकसित भारत 2047- आगरा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि एमएसएमई मंत्री उप्र एवं आगरा प्रभारी भूपेन्द्र सिंह चौधरी के साथ किया गया। आगरा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में आयुक्त एवं निदेशक उद्योग उप्र विजयेन्द्र पांडियन, मंडलायुक्त नागेन्द्र प्रताप, जिलाधिकारी मनीष बंसल, सीडीओ प्रतिभा सिंह, लैदर काउंसिल के चेयरमैन पूरन डावर, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, जिलाध्यक्ष प्रशांत पोनिया, जेडीआई अनुज कुमार पूर्व अध्यक्ष एवं एमएसएमई प्रकोष्ठ के चेयरमैन संजय गोयल, ओद्योगिक विकास प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनूप गोयल उपस्थित थे। कॉन्क्लेव का संचालन उपायुक्त उद्योग शैलेन्द्र सिंह द्वारा किया गया।

चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने कहा कि “आज बड़े ही हर्ष का विषय है कि आगरा के विजन को लेकर आगरा में प्रथम बार मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री उप्र के सानिध्य में हमारे समस्त विभागाध्यक्षों के साथ आगरा की औद्योगिक एवं व्यापारिक समस्याओं पर वृहद स्तर पर मंथन करने हेतु आगरा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया है। आगरा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में ओडीओपी के अंतर्गत ज्वैलरी, जूता, जरदोजी, पेठा, दालमौठ, ब्रष, हैंड्रीक्राफ्ट एवं ओडीओसी के अंतर्गत पराठा, बेढ़ई, जलेबी की स्टॉल लगायी गयी हैं। मैं आषा करता हूँ कि आगरा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव उद्योग एवं व्यापार के साथ-साथ आगरा जनपद के विकास में मील पत्थर साबित होगी।” उन्होंने मंत्री को अवगत कराया कि “1980 से पहले आगरा उत्तर भारत का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र भी था। यहां के प्रमुख उद्योग फाउंड्री (ढलाई) उद्योग, जूता उद्योग, हैंड्रीक्राफ्ट देश-विदेश में प्रसिद्ध थे। इन उद्योगों के कारण आगरा 1980 से पूर्व एक समृद्ध औद्योगिक एवं व्यापारिक नगर के रूप में स्थापित था, जिसने प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ताज ट्रेपेजियम ज़ोन वाद संख्या 13381/84 – वर्ष 1984 में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एमसी मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका संख्या 13381/1984 दाखिल की थी। इस याचिका में कहा गया कि आगरा क्षेत्र में उद्योगों, फाउंड्रियों, ईंट-भट्टों, वाहनों तथा मथुरा रिफाइनरी से निकलने वाले प्रदूषण के कारण ताजमहल के संगमरमर का रंग पीला पड़ रहा है और उसका क्षरण हो रहा है। इसलिये टीटीजेड का गठन किया गया। जबकि वास्तविकता यह है कि प्रदूषण में आगरा के उद्योगों की नगण्य भागीदारी है। हमारा मानना है कि प्रदूषण का कारण यमुना नदी की दुर्दषा एवं वाहन प्रदूषण है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने उद्योगों में प्रयुक्त होने वाले कोयला एवं कोक आधारित ईधन को उद्योगों में प्रतिबंधित करते हुए आगरा के उद्योगों को बचाने की मंषा से पर्यावरण के अनुकूल उद्योगों को प्राकृतिक गैस अपनाने के निर्देश दिये। दिनांक 06.12.2019 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्पष्ट आदेष किये गये कि ताज संरक्षित क्षेत्र में गैर प्रदूषणकारी उद्योग व स्वच्छ ईधन द्वारा संचालित उद्योगों की स्थापना इस क्षेत्र में की जा सकती है। दिनांक 08.12.2021 को माननीय सर्वोच्च न्यायलय में नीरी द्वारा दाखिल सेक्टोरियल गाइडलाइन्स के अनुसार 11 से 20 प्रदूषण स्कोर वाले उद्योगों को ही स्थापित किये जा सकते हैं। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेष दिनांक 14.10.2024 के अनुसार विद्युत कनैक्षन दिये जाने पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं है जबकि आगरा में व्हाइट कैटेगिरी/गैर प्रदूशणकारी उद्योगों की स्थापना हेतु विद्युत विभाग द्वारा कनैक्षन नहीं दिये जा रहें हैं जबकि गैर प्रदूषणकारी उद्योगों में न हीं किसी प्रकार का विस्तारीकरण किया जा रहा है और न ही किसी प्रकार का प्रदूषण किया जा रहा है। इस संबंध गजट नोटिफिकेशन द्वारा 17.10.2025 द्वारा व्हाईट कैटेगिरी के अंतगत 86 उद्योग वर्णित किये गये। हमारा सुझाव है व्हाइट कैटेगिरी/गैर प्रदूषणकारी उद्योगों जैसे ब्रश उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, सिलाई उद्योग, पैकिंग उद्योग आईटी उद्योग आदि की स्थापना हेतु उद्योगों को विद्युत कनैक्शन दिये जाने चाहिये। वर्तमान विषम परिस्थितियों में गेल गैस लि.द्वारा आगरा के उद्योगों में गैस की कटौती की जा रही है जबकि आगरा में ताज ट्रिपेजियम क्षेत्र में किसी भी प्रकार का ईधन का प्रयोग प्रतिबंधित है। अतः आगरा को वैकल्पिक ईधन के रूप में विद्युत कनैक्शन दिये जाने चाहिये। आगरा को 11 लाख घन मीटर गैस आवंटित की गयी है जिसमें पैट्रोलियम मंत्रालय द्वारा किसी भी प्रकार का कोई कट नहीं है। वर्तमान में विषम परिस्थितियों के कारण गेल गैस द्वारा पिछले 6 माह में उनकी औसत गैस खपत के आधार पर 20 प्रतिशत या उससे कटौती करके की गयी है जिससे सदस्यों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। यूपीएम गैस के डीसीक्यू में भी कोई कटौती करने की आवश्यकता नहीं है, जो अपनी विशिष्ट प्रकृति के कारण केवल टीटीजेड के उद्योगों को आपूर्ति की जा रही है। यदि यूपीएम गैस की आपूर्ति में भी कोई कटौती करने की आवश्यकता है तो इसे उद्योगों के डीसीक्यू पर लगाया जाना चाहिए, न कि उनके पिछले छह महीनों की गैस के औसत पर। इस सम्बन्ध मंे चैम्बर द्वारा पैट्रोलियम मंत्री भारत सरकार को पत्र प्रेषित किया है। आपसे अनुरोध है कि गैस की समस्याओं के निस्तारण हेतु पैट्रोलियम मंत्री के साथ चैम्बर की बैठक आयोजित करवाने की कृपा करें।”

चैम्बर द्वारा मांग की गयी कि आगरा के उद्यमियों एवं व्यापारियों के लिये एकल खिड़की की योजना लागू की जानी चाहिये जिसमें नियुक्त नोडल अधिकारी द्वारा आगरा के उद्योगों की स्थापना हेतु समस्त मानदंडों की जांच करते हुए समस्त विभागों से निर्धारित समय सीमा संबन्धित कार्यवाही की जानी चाहिये जिससे उद्यमियों एवं व्यापारियों को एक ही स्थान पर समस्त जानकारी उपलब्ध हो सकेंगी। टीटीजेड में पैरवी कर रहे सरकारी अधिवक्ता के साथ चैम्बर के साथ बैठक करायी जानी चाहिये जिससे ताज संरक्षित क्षेत्र में आ रही विभिन्न समस्याओं को चैम्बर द्वारा अधिवक्ता के संज्ञान में लाया जा सके जिससे माननीय सर्वोच्च न्यायालय में चैम्बर अपना पक्ष मजबूती के साथ रखवा सकेे। हमारा मानना है कि यदि यमुना नदी में 365 दिन पानी रहे तो आगरा में 50 प्रतिषत से अधिक का प्रदूषण कम हो जायेगा।

मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने चैम्बर द्वारा उठायी गयी समस्याओं को संबन्धित स्तर पर निस्तारित करने का आष्वासन दिया गया। उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश को निवेश अनुकूल वातावरण बनाने का पूर्ण प्रयास है। एमएसएमई की योजनाओं का लाभ हर वर्ग का पहुँचाने का प्रयास है। विकसित भारत 2047 बनाने में उप्र की महत्वपूर्ण भूमिका है।” प्रधानमंत्री की आत्म निर्भर भारत योजना को सफल बनने के लिये अपील की गयी। उन्होनें कहा कि सरकार की मंशा है कि उद्योगों को बढावा दिया जाये।

आगरा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का धन्यवाद ज्ञापन जिलधिकारी मनीष बंसल द्वारा किया गया।

बैठक में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, उपाध्यक्ष द्वय नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, पूर्व अध्यक्ष एवं एमएसएमई प्रकोष्ठ के चेयरमैन संजय गोयल, अनूप गोयल, पूर्व अध्यक्ष केके पालीवाल, सीताराम अग्रवाल, एसएस गोयल, अनिल वर्मा, मुकेश अग्रवाल, सदस्य प्रहलाल अगव्राल, किशोर खन्ना, विवेक जैन, मनोज कुमार गुप्ता, रविशंकर अग्रवाल, कैप्टन एएस राना, गोपाल गुप्ता, रजत अस्थाना, प्रशांत जैन, गोमित जैन, अम्बुज गोयल, अजय गुप्त रंगीला, के एम अग्रवाल, सुशील बंसल, अमित जैन, संजय कुमार अग्रवाल, सुरेश चंद बंसल आदि उपस्थित रहे।

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