Agra : एमएसएमई मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी से चैम्बर प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
टीटीजेड में गैर प्रदूषणकारी उद्योगों को विद्युत कनैक्शन न दिये जाने की समस्या से कराया अवगत

-टीटीजेड में उद्योगों की दयनीय स्थिति के प्रति गंभीर दिखे एमएसएमई मंत्री
-ECLGS 5.0 योजना के साथ-साथ एमएसएमई इकाइयों को ऋण के ब्याज में विशेष सब्सिडी दिये जाने की चैम्बर ने की मांग
-कुटिर उद्योगों को बढ़ावा देने हेतु विशेष पैकेज देने का दिया आश्वासन
-समस्याओं के शीघ्र निस्तारित करने हेतु दिया आश्वासन
मनोहर समाचार, आगरा। चैम्बर का एक 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पूर्व अध्यक्ष एवं एमएसएमई प्रकोष्ठ के चेयरमेन संजय गोयल के नेतृत्व में उपाध्यक्ष द्वय नितेश अग्रवाल अम्बा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल एवं औद्योगिक विकास प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनूप गोयल उत्तर प्रदेश सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम कैबिनेट मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी से उनके आगरा भ्रमण के दौरान सर्किट हाउस में मिला।
पूर्व अध्यक्ष एवं एमएसएमई प्रकोष्ठ के चेयरमैन संजय गोयल ने मंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश के हजारों सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग आज भी गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कच्चे माल की बढ़ती कीमतें, ऊर्जा लागत में वृद्धि, बैंक ब्याज दरों का भार, तकनीकी उन्नयन पर होने वाला अतिरिक्त व्यय तथा बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण अनेक इकाइयाँ घाटे में कार्य कर रही हैं। अनेक उद्योग ऐसे हैं जो केवल ऋण के सहारे संचालित नहीं हो सकते तथा उन्हें प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। एमएसएमई क्षेत्र प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ है तथा लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराता है। यदि इन उद्योगों को समय पर सहयोग नहीं मिला तो अनेक इकाइयाँ बंद होने की स्थिति में पहुँच सकती हैं, जिससे रोजगार और उत्पादन दोनों प्रभावित होंगे। चैम्बर द्वारा मांग की गयी कि ECLGS 5.0 योजना के साथ-साथ एमएसएमई इकाइयों को ऋण के ब्याज में विशेष सब्सिडी भी प्रदान की जाये, जिससे लघु उद्योगों को दी जाने वाली यह विशेष सब्सिडी उद्योगों में संजीवनी का कार्य करेगी।
औद्योगिक विकास प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनूप गोयल ने बताया कि ताज संरक्षित क्षेत्र में व्हाइट कैटेगिरी व गैर प्रदूषणकारी उद्योगों की स्थापना हेतु वर्तमान में विद्युत विभाग द्वारा विद्युत के नये कनैक्शन नहीं दिये जा रहे हैं जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के अनुपालन में न तो नये उद्योग लाये जा रहे हैं और न ही उद्योगो का विस्तारीकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में अगर कोई इंडस्ट्रीज गैस जेनरेटर द्वारा मशीनों को संचालित कर रही है और उसके प्रदूषण अनापत्ति पत्र में गैस जेनरेटर भी सम्मिलित है। वर्तमान में गैस जेनरेटर चलन से बाहर हो जाने के कारण फर्म स्वामी द्वारा विद्युत कनैक्शन हेतु आवेदन किये जाने पर विद्युत विभाग द्वारा उसको ताज संरक्षित क्षेत्र का हवाला देकर उसको नया विद्युत कनैक्शन नहीं दिया जाता है जबकि फर्म स्वामी द्वारा फर्म का न तो विस्तारीकरण किया जाता है, फर्म स्वामित्व व उत्पाद भी पूर्ववत् होता है। इस संबंध में हम आपको अवगत कराना चाहते है कि माननीय सर्वोच्च के आदेशानुसार विद्युत कनैक्शन नहीं दिये जाने पर किसी भी प्रकार की कोई रोक नहीं है। ब्रश उद्योग, हैंड्रीक्राफ्ट उद्योग आदि जिसमें किसी भी प्रकार से वायु प्रदूषण नहीं होता है उनकों भी विद्युत विभाग द्वारा विद्युत कनैक्शन नहीं दिये जा रहे हैं। वर्तमान में विषम परिस्थितियों के कारण उद्योगों में प्रयुक्त होने वाली गैस में गेल गैस द्वारा कटौती की जा रही है जिसके कारण आगरा के उद्योगों के संचालन में समस्या आ रही है। अतः आगरा के उद्योगों को वैकल्पिक ईधन के रूप में विद्युत कनैक्शन दिये जायें जिससे आगरा के उद्योग सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
कैबिनेट मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी द्वारा चैम्बर के प्रतिनिधिमंडल को बहुत ध्यानपूर्वक सुना गया तथा टीटीजेड में आ रही उद्योग एवं व्यापार की समस्याओं के निस्तारण हेतु उच्च स्तर पर वार्ता करने का आश्वासन दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर उपाध्यक्ष द्वय नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, पूर्व अध्यक्ष एवं एमएसएमई प्रकोष्ठ के चेयरमैन संजय गोयल, औद्योगिक विकस प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनूप गोयल मौजूद रहे।





