Agra : हाथ के हुनर से कला-संस्कृति को सँजोकर हस्तशिल्पी दे रहे स्वावलंबन की सीख
क्वीन इंप्रेस मैरी लाइब्रेरी सदर बाजार में दस दिवसीय हस्तशिल्प प्रदर्शनी हुई शुरू

-स्टेट अवार्ड प्राप्त शिल्पगुरुओं सँग 20 हस्तशिल्पी कर रहे अपने उत्पादों का प्रदर्शन
-वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) और हस्तशिल्प सेवा केंद्र आगरा सँग आगरा जरी जरदोजी कार्य निर्माता कंपनी ने जन जागरूकता और हस्तशिल्प प्रोत्साहन के लिए की सराहनीय पहल
मनोहर समाचार, आगरा। हस्तशिल्प के प्रति जन जागरूकता और हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन देने की दृष्टि से वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) एवं हस्तशिल्प सेवा केंद्र आगरा सँग आगरा जरी जरदोजी कार्य निर्माता कंपनी द्वारा सदर बाजार स्थित क्वीन इंप्रेस मैरी लाइब्रेरी में दस दिवसीय हस्तशिल्प प्रदर्शनी का शुभारंभ बुधवार को आयोजकों द्वारा रिबन काटकर और माँ शारदे की तस्वीर के समक्ष दीप जलाकर किया गया। इस दौरान जॉन मिल्टन पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने सरस्वती वंदना पर नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।

हस्त शिल्प पर केंद्रित इस अनूठे आयोजन में कन्नौज के इत्र एवं लेदर बॉटल के लिए मशहूर स्टेट अवॉर्डी शिल्प गुरु मोहम्मद मुर्सलीन, कन्नौज के ही तारकशी के लिए विख्यात स्टेट अवॉर्डी रामशंकर और स्टोन कार्विन के लिए आगरा की स्टेट अवार्डी शिल्प गुरु राजकुमारी के साथ भिन्न भिन्न हस्तशिल्प के हरिद्वार, एटा, कन्नौज, बरेली, फिरोजाबाद, बनारस, असम, आगरा व आसपास से आए 20 हस्तशिल्पी अपने हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
इनमें कागज पर ड्राइंग करके देवी-देवताओं, फूल-पत्तियों और पशु-पक्षियों को उभारने वाली साँझी कला, शीशम की लकड़ी पर पीतल के तारों से खुदाई करके विभिन्न सुंदर आकृतियों को उभारने वाली तारकशी, हाथ थप्पा छपाई, टाई एंड डाई, मधुबनी पेंटिंग, गोंड आर्ट, स्टोन कार्विंन, घास की पत्तियों और फसल अवशेष को प्रयुक्त कर दैनिक उपयोग में आने वाली विभिन्न वस्तुओं को बनाने की कला, संगमरमर पर पच्चीकारी और जरी जरदोजी की कला के साथ-साथ असम की रेशम साड़ी, बनारस की बनारसी साड़ी, हरिद्वार के शाॅल और जैकेट, एटा की हैंड ब्लॉक पेंटिंग, कन्नौज की अगरबत्ती और एटा की आर्टीफिशियल ज्वैलरी भी प्रमुख रूप से शामिल है।

कार्यशाला प्रदर्शनी के शुभारंभ पर हस्तशिल्प प्रेमियों के साथ-साथ जॉन मिल्टन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने भारत की प्राचीन कला के रूप में हस्तशिल्प को सीखने-समझने में गहरी रुचि प्रदर्शित की।

इस अवसर पर आगरा जरी जरदोजी वर्क प्रोड्यूसर कंपनी के डायरेक्टर व प्रदर्शनी संयोजक ब्रजमोहन शर्मा एडवोकेट ने बताया कि “भारतीय कला-संस्कृति को सँजोकर, हाथ के हुनर से उसे आधुनिकता बोध में पिरोकर हमारे हस्तशिल्पी स्वावलंबन की सीख दे रहे हैं। इनके हाथ मशीनों से भी बेहतर चलते हैं। यह अपनी परंपराओं को जिंदा रखते हैं। इनका कार्य और इनकी कला सबके सामने आनी चाहिए और इन्हें प्रोत्साहन मिलना चाहिए। बस इसी मनोभाव के साथ यह आयोजन किया गया है।”

इस दौरान मुख्य अतिथि हैंडीक्राफ्ट डिपार्टमेंट के सहायक निदेशक रंजीत कुमार, आगरा जरी जरदोजी वर्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के डायरेक्टर ब्रजमोहन शर्मा, समन्वयक सुमित शर्मा, प्रमित शर्मा, शालिनी शर्मा, आशा देवी, दिव्या सिंह और धीरज कुमार प्रमुख रूप से मौजूद रहे।





