धर्म

Agra : पितरों की स्मृति को समर्पित होगी श्रीमद्भागवत महापुराण कथा

मनोहर समाचार, आगरा। प्राचीन सीताराम मंदिर, वजीरपुरा में 8 जून से 15 जून तक आयोजित होने जा रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के आमंत्रण पत्र का विमोचन समारोह शनिवार को मंदिर परिसर में श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। कथा का आयोजन पितरों की पुण्य स्मृति को समर्पित रहेगा।

कार्यक्रम संयोजक मनीष अग्रवाल ने बताया कि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय माना गया है। इस पावन मास में किए गए जप, तप, दान, कथा श्रवण और धर्मकार्य का फल अनेक गुना बढ़कर प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण कथा को पितरों की स्मृति एवं उनके प्रति कृतज्ञता भाव से समर्पित करना सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है। कथा श्रवण से प्राप्त पुण्य का समर्पण पितृदेवों के कल्याण का माध्यम बनता है तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
उन्होंने बताया कि कथा व्यास पूज्य गुरुदेव भागवताचार्य चैतन्य हरिचरत जी महाराज (गोवर्धन धाम) होंगे। प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 7 बजे तक श्रद्धालु कथा श्रवण कर धर्म, भक्ति एवं आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ प्राप्त करेंगे।
महंत अनंत उपाध्याय ने कहा कि पुरुषोत्तम मास को सभी महीनों में श्रेष्ठ माना गया है। इस मास में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन को पवित्र बनाता है तथा भगवान की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ साधन है। उन्होंने कहा कि जब कथा, यज्ञ और भक्ति का पुण्य पितरों को समर्पित किया जाता है तो यह केवल पूर्वजों के प्रति श्रद्धांजलि ही नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक एवं पारिवारिक विरासत के प्रति सम्मान का भी प्रतीक होता है। पितरों की प्रसन्नता से वंश में सुख, शांति और उन्नति का संचार होता है।

महंत अनंत उपाध्याय ने बताया कि सोमवार 8 जून को प्रातः 7 बजे भव्य मंगल कलश यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होगी। यात्रा जज कंपाउंड एवं वजीरपुरा क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होकर निकलेगी, जिसमें 151 महिलाएं सिर पर कलश धारण कर सहभागिता करेंगी।

उन्होंने कथा कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि 9 जून को परीक्षित जन्म, सृष्टि रचना एवं नृसिंह अवतार, 10 जून को ध्रुव चरित्र, जड़ भरत चरित्र एवं वामन अवतार, 11 जून को गजेन्द्र मोक्ष, रामकथा वर्णन एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, 12 जून को श्रीकृष्ण बाल लीलाएं, माखन चोरी, यमलार्जुन उद्धार तथा श्री गिरिराज पूजन के साथ अन्नकूट एवं 56 भोग का आयोजन होगा। 13 जून को रासलीला, कंस वध एवं श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह महोत्सव आयोजित किया जाएगा। 14 जून को द्वारिका लीला, सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष एवं श्रीमद्भागवत महापुराण पूजन के साथ कथा विराम होगा। 15 जून को यज्ञ पूर्णाहुति एवं विशाल प्रसाद भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

अंबा प्रसाद गर्ग ने बताया कि कथा के मुख्य यजमान निरंजन लाल सारस्वत एवं आशा सारस्वत होंगे।
आमंत्रण पत्र विमोचन समारोह में अपूर्व मित्तल, शेखर गोयल, विक्रम सिंह, अरुण गर्ग, मनोज गुप्ता, विनीत सिंघल, हनी आदि उपस्थित रहे।

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