Agra : वरिष्ठ नागरिकों को किया गया साइबर अपराधों से जागरूक
डिजिटल अरेस्ट से इन्वेस्टमेंट फ्रॉड तक पर सजगता के टिप्स

मनोहर समाचार, आगरा। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों से वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आई सर्व खुशियों के पल संस्था द्वारा देव नगर स्थित संस्था कार्यालय पर एक विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यशाला के मुख्य वक्ता साइबर क्राइम थाने से सब इंस्पेक्टर भगवान सिंह रहे। उनके साथ उनकी टीम के सब इंस्पेक्टर शशांक कौशल, सब इंस्पेक्टर नीतू तोमर, सब इंस्पेक्टर निशांत ढाका एवं अभिषेक कुमार भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संस्था से जुड़े बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर संस्था के प्रबंधक अनुराग जैन ने विषय रखते हुए कहा कि आज का समय पूरी तरह डिजिटल होता जा रहा है। जितनी तेजी से लोग ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ रहे हैं, उतनी ही तेजी से साइबर अपराधों के मामले भी बढ़ रहे हैं। विशेषकर वरिष्ठ नागरिक, जो तकनीक के प्रति सीमित जानकारी रखते हैं, साइबर ठगों के आसान शिकार बनते जा रहे हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय है।
मुख्य वक्ता सब इंस्पेक्टर भगवान सिंह ने वरिष्ठ नागरिकों को संबोधित करते हुए बताया कि वर्तमान में इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, एपीके फ्रॉड, सिम स्वैप, फर्जी कॉल और लिंक के माध्यम से आर्थिक ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं करती और न ही पुलिस या बैंक कभी ओटीपी, पिन या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने को कहते हैं।
उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को सलाह दी कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें, बिना जांच-पड़ताल के किसी निवेश योजना में धन न लगाएं, मोबाइल में अनधिकृत ऐप या एपीके फाइल डाउनलोड न करें तथा अपने बैंकिंग विवरण और ओटीपी को पूर्णतः गोपनीय रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
कार्यशाला के दौरान साइबर अपराधों से जुड़े वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से उपस्थितजनों को समझाया गया कि किस प्रकार ठग लालच, भय और भरोसे का फायदा उठाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। वरिष्ठ नागरिकों ने भी अपने अनुभव और प्रश्न साझा किए, जिनका साइबर क्राइम टीम द्वारा सरल और व्यावहारिक भाषा में समाधान किया गया।





