Agra : बीएसआई गु्रप इंडिया द्वारा आगरा में प्रथम बार आयोजित की गयी सेमीनार
सेमीनार में सोशल आडिट कंप्लाइज की दी जानकारी

-वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में केवल गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन कर ग्राहकों का विश्वास अर्जित करना भी है आवश्यक
मनोहर समाचार, आगरा । होटल होलीडे इन में चैम्बर के तत्वाधान में BSI GROUP OF INDIA द्वारा Building Trust in the Global Market – Through Sustainable Compliance Excellence विषय पर एक सेमीनार का आयोजन किया गया। बीएसआई गु्रप द्वारा सेमीनार के विशिष्ट अतिथि चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल एवं फिक्की, सीआईआई, फीओ के चेयरमैन राजेश अग्रवाल का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। बीएसआई ग्रुप इंडिया से डायरेक्टर सेल्स एंड मार्केटिंग महेश मलपाठक, शमी सिंह, हैड ऑफ सोशल आईएसए, सीनियर लीड ऑॅडिटर, संजय भारद्वाज, विजनिस डवलपमेंट मैनेजर श्री कृष्ण कुमार उपस्थित थे।

चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने कहा कि बीएसआई ग्रुप द्वारा Building Trust in the Global Market – Through Sustainable Compliance Excellence पर आयोजित सेमीनार सदस्यों एवं निर्यातकों के लिये बहुत ही लाभाकारी सिद्ध होगी । वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में केवल गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन कर ग्राहकों का विश्वास अर्जित करना भी उतना ही आवश्यक है।

विश्व स्तर पर तेजी से बदलते नियामकीय परिदृश्य, विशेषकर European Union Corporate Sustainability Due Diligence Director [EU CSDDD] जैसे नए नियम भारतीय निर्यातकों के लिए नई चुनौतियाँ और नए अवसर दोनों लेकर आए हैं। यदि हमारे उद्योग में इन मानकों को अपनाते हैं, तो वे वैश्विक बाजार में अपनी विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और अधिक मजबूत बना सकते हैं। भारत सरकार द्वारा श्रम कानूनों को सरल एवं आधुनिक बनाने के उद्देश्य से लागू किए गए नए श्रम संहिताएँ भी उद्योगों को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और श्रमिक हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इनका प्रभावी अनुपालन उद्योगों के सतत विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

आज की इस संगोष्ठी में SMETA, SLCP, HIGG INDEX, SA 8000, INTERNAL AUDITS तथा ISO STANDARDS के जैसे अंतरराष्ट्रीय सोशल कम्प्लायंस एवं ESG फ्रेमवर्क पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। साथ ही SA 8000 एवं SMETA के नवीनतम संशोधनों तथा BSI के डिजिटल सोशल ऑडिट टूल की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया] जो उद्योगों को अनुपालन प्रक्रिया को अधिक सरल] पारदर्शी और प्रभावी बनाने में सहायता करेगा।

आगरा में टीटीजेड की बंदिषों के कारण उद्योगों का लगाना प्रतिबंधित है। इसलिये चैम्बर द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि आगरा में गैरप्रदूशणकारी उद्योगों लगाये जायें जिससे आगरा में रोजगार के अवसर व युवाओं का पलायन रोका जा सके।

सेमीनार में जानकारी दी गयी कि FROM LOCAL TO GLOBAL : LEVERAGING SOCIAL COMPLIANCE TO STRENGTHEN BUSINESS PERFORMANCE AND EXPORT READINESS विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सामाजिक अनुपालन केवल कानूनी आवश्यकता नहीं बल्कि उद्योगों की विश्वसनीयता] उत्पादकता] ब्रांड छवि तथा निर्यात क्षमता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है।

सेमिनार में विभिन्न सामाजिक अनुपालन एवं ESG ऑडिट फ्रेमवर्क जैसे SMETA, SLCP, HIGG INDEX, SA 8000, INTERNAL AUDITS तथा ISO STANDARDS का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। विशेषज्ञों ने प्रत्येक प्रणाली की उपयोगिता विशेषताओं एवं वैश्विक खरीदारों द्वारा उनकी स्वीकार्यता की जानकारी दी जिससे उद्योग अपनी आवश्यकताओं के अनुसार उपयुक्त मानकों का चयन कर सकें।
इस अवसर पर SA 8000, SMETA मानकों में हुए नवीनतम संशोधनों एवं अद्यतनों की भी विस्तार से जानकारी दी गई तथा बताया गया कि इन परिवर्तनों के अनुरूप उद्योगों को अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं एवं दस्तावेजीकरण को अद्यतन करना आवश्यक है।
कार्यक्रम में BSI के आधुनिक DIGITAL SOCIAL AUDIT TOOL का भी परिचय कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि यह डिजिटल प्लेटफार्म सामाजिक अनुपालन ऑडिट को अधिक पारदर्शी, त्वरित, सटीक एवं प्रभावी बनाता है जिससे उद्योगों को समय की बचत के साथ बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है।
सेमीनार में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, फिक्की फिओ प्रकोष्ठ के चेयरमैन राजेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, शलभ शर्मा, पूरन डावर, गोपाल गुप्ता, फिओ से आलोक श्रीवास्तव, प्रशांत जैन, विकास चतुर्वेदी, अनुज अशोक आदि उपस्थित रहे।





