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Agra : फूड एक्सपो में उमड़ा जनसैलाब, विजिटर्स ने लिया नवाचार, स्वाद और उद्योग का अनुभव

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक ताकत बनेगा : धर्मवीर प्रजापति

-सरकार की नीति, नेता और नियत उद्यमियों के साथ, आगरा में उद्योगों के पुनर्जागरण का समय : राकेश गर्ग

-सत्तू, कुल्फी, हाथरस की हींग और पारंपरिक खाद्य उत्पादों के स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र, डेयरी से लेकर एमएसएमई और खाद्य सुरक्षा तक हुआ गहन मंथन, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर

मनोहर समाचार, आगरा। उत्तर प्रदेश फूड एक्सपो एवं कॉन्क्लेव 2026 के द्वितीय दिवस उत्तर प्रदेश के औद्योगिक भविष्य, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की संभावनाओं और एमएसएमई आधारित आर्थिक विकास को लेकर व्यापक मंथन हुआ। होटल जेपी पैलेस एवं कन्वेंशन सेंटर में आयोजित विभिन्न सत्रों को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभर रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने कहा कि वर्तमान समय में सरकार की नीति, नेता और नियत पूरी तरह उद्यमियों के साथ है तथा आगरा में उद्योगों के पुनर्जागरण का अनुकूल वातावरण तैयार हो चुका है।

धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन में अग्रणी राज्य है और खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से किसानों की आय, रोजगार सृजन और स्थानीय उत्पादों की वैश्विक पहचान सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि “एक जिला-एक व्यंजन” योजना प्रदेश के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगी। उन्होंने उद्यमियों का आह्वान करते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र आगरा ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश को नई आर्थिक दिशा देने की क्षमता रखता है।

उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए सरकार हर स्तर पर सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि एक समय आगरा देश के प्रमुख औद्योगिक नगरों में शामिल था और अब बदलते समय के साथ खाद्य प्रसंस्करण उद्योग आगरा को नई पहचान देने का कार्य करेगा। उन्होंने उद्यमियों से आधुनिक तकनीक, ब्रांडिंग और मूल्य संवर्धन को अपनाने का आह्वान किया।

फूड एक्सपो में उमड़ा जनसैलाब
एक्सपो के दूसरे दिन होटल जेपी पैलेस एवं कन्वेंशन सेंटर में दिनभर पांच हजार से अधिक विजिटर्स पहुंचे। उत्तर प्रदेश सहित सात राज्यों से आए 150 से अधिक स्टॉलों पर लोगों ने खाद्य उत्पादों, फूड प्रोसेसिंग मशीनरी, पैकेजिंग तकनीक और नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। सत्तू पेय पदार्थ, पारंपरिक कुल्फी, हाथरस की प्रसिद्ध हींग, नमकीन, मसाले, खाद्य तेल, घी, आटा, ड्राई फ्रूट्स, बेकरी उत्पाद तथा आधुनिक पैकेजिंग से जुड़े स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने रहे।

डेयरी उद्योग में अपार संभावनाएं
द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में डेयरी उद्योग की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए परम डेयरी, बुलंदशहर के महाप्रबंधक विकास पाण्डेय ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन का सबसे सशक्त क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि परम डेयरी वर्ष 1965 से संचालित हो रही है तथा दूध की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 48 चरणों में परीक्षण किया जाता है।

अनमोल अग्रवाल, प्रबंधक, ज्ञान घी, लखनऊ ने डेयरी क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी योजनाओं और सब्सिडी की जानकारी दी तथा उद्यमियों को इस क्षेत्र में निवेश के लिए प्रेरित किया।

गुणवत्ता और पैकेजिंग से मिलती है वैश्विक पहचान
राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र के प्रधानाचार्य लोकेश सेंगर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सफलता का सबसे बड़ा आधार गुणवत्ता है। यदि उत्पाद वैश्विक मानकों के अनुरूप है तो वह स्वतः अपनी पहचान बना लेता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बायोडिग्रेडेबल एवं सुरक्षित पैकेजिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है और खाद्य उद्योग को इसी दिशा में आगे बढ़ना होगा।

डेयरी उद्योग के लिए अनेक अनुदान योजनाएं
सीए आरके जैन ने उत्तर प्रदेश डेयरी विकास नीति-2022 की जानकारी देते हुए बताया कि मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट, सोलर प्लांट, चीज एवं आइसक्रीम उत्पादन इकाइयों, बल्क मिल्क कूलर, इंसुलेटेड ट्रांसपोर्ट व्हीकल और पशु आहार इकाइयों पर विभिन्न श्रेणियों में 35 से 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध है।

पीएमएफएमई योजना का लाभ उठाने का आह्वान
उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण विभाग के निदेशक डॉ. एनपी सिंह के समक्ष उद्यमियों ने खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग पर विशेष सब्सिडी की मांग रखी। उन्होंने बताया कि पीएमएफएमई योजना 30 सितम्बर 2026 तक प्रभावी है और उद्यमियों को इसका अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।

एमएसएमई से मिल रही रोजगार और विकास को गति
तृतीय सत्र का आयोजन लघु उद्योग भारती एवं उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा किया गया। सत्र की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने कहा कि एमएसएमई प्रदेश में रोजगार और आर्थिक विकास का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि “एक जिला-एक व्यंजन” जैसी योजनाएं स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देने का कार्य करेंगी।

रोहित आनंद, आईएएस ने बताया कि प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र से करोड़ों लोगों को रोजगार मिल रहा है तथा उत्तर प्रदेश निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नटवर गोयल ने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने पर बल दिया।

एफएसएसएआई ने दिया खाद्य सुरक्षा का संदेश
द्वितीय दिवस के अंतिम सत्र में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई), उत्तरी क्षेत्र कार्यालय, गाजियाबाद द्वारा खाद्य सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। एफएसएसएआई की निमांशी, प्रबंधक तथा प्रीति, सहायक निदेशक (तकनीकी) ने खाद्य लाइसेंस, पंजीकरण, स्वच्छता, लेबलिंग, पैकेजिंग और “ईट राइट इंडिया” अभियान की जानकारी दी। सत्र में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, निर्यातकों, स्टार्टअप्स और फूड बिजनेस ऑपरेटर्स ने सक्रिय सहभागिता की।

ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संरक्षक अजय अग्रवाल एवं विष्णु कुमार गोयल, आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टी.एन. अग्रवाल, आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल, उत्तर प्रदेश वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव संदीप उपाध्याय, शैलेश अग्रवाल, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय महासचिव दीपक अग्रवाल, राजीव बंसल, प्रभात बाजपेयी सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति एवं उद्यमी उपस्थित रहे।

सभी अतिथियों का स्वागत
चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत एवं महासचिव अनुज सिंघल ने किया। सभी सत्रों की प्रस्तावना मुख्य सलाहकार मनीष अग्रवाल ने रखी, सत्रों की मध्यस्थता सीएस अनुज अशोक ने की तथा कार्यक्रम का संचालन रीनेश मित्तल ने किया। आयोजन की व्यवस्थाओं में उपाध्यक्ष नितिन गोयल, सचिव विकास चतुर्वेदी, आशीष गर्ग एवं उनकी टीम सक्रिय रही।

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