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Agra : व्यापारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर जीएसटी विभाग और सर्राफा व्यापारियों के बीच हुआ संवाद

जीएसटी दर 1 प्रतिशत करने, आईटीसी समायोजन के बाद कैश टैक्स न लेने एवं ऑनलाइन बिलिंग सीमा 10 करोड़ करने की मांग

मनोहर समाचार, आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 1 जून से 10 जून के मध्य आयोजित किए जा रहे “व्यापारी संवाद कार्यक्रम” के क्रम में खण्ड-1 एवं खण्ड-5, आगरा के संयुक्त तत्वावधान में नेशनल चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स हॉल, जीवनी मंडी, आगरा में सर्राफा व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्य कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा आगरा के प्रमुख सर्राफा संगठनों के पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने भाग लेकर व्यापारिक समस्याओं एवं उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की।

कार्यक्रम में श्री सर्राफा कमेटी, आगरा सर्राफा एसोसिएशन तथा आगरा सर्राफा मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं व्यापारियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों और विभाग के बीच संवाद स्थापित कर विश्वास का वातावरण तैयार करना तथा व्यापार सुगमता को बढ़ावा देना था।
अपर आयुक्त ग्रेड-2 (वि. अनु. शा.) अंजनी अग्रवाल ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि “सरकार की मंशा है कि राज्य कर विभाग व्यापारियों के बीच विश्वास का वातावरण बनाते हुए कर संग्रह बढ़ाने हेतु प्रेरित करे।” उन्होंने कहा कि “व्यापारी राष्ट्र के वास्तविक भामाशाह हैं और उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

संयुक्त आयुक्त (कार्यपालक) रेंज-ए ए.के. सिंह ने कहा कि “विभाग सदैव व्यापारियों के सहयोग और समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर है। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर व्यापारी सीधे दूरभाष अथवा कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।” उन्होंने छोटे व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण लेने तथा समाधान योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि “व्यापारियों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को सक्षम स्तर पर भेजकर उनके समाधान का प्रयास किया जाएगा।”

कार्यक्रम में सहायक आयुक्त सांची रस्तोगी एवं अवन कुमार ने जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न फाइलिंग, तत्काल रजिस्ट्रेशन की नई व्यवस्था, समाधान योजना तथा ई-मेल एवं मोबाइल नंबर अपडेट करने की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। वहीं उपायुक्त अखण्ड प्रताप सिंह एवं मृत्युंजय सिंह ने जीएसटी सुधारों की जानकारी देते हुए व्यापारियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान किया।

आगरा सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने सर्राफा व्यापारियों की ओर से विभिन्न मांगें रखते हुए कहा कि “यदि किसी व्यापारी के खाते में पर्याप्त इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) उपलब्ध है तो उससे अतिरिक्त कैश टैक्स जमा नहीं कराया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि “सोने और चांदी की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिसके कारण व्यापारियों पर कर का भार बढ़ा है। इसलिए पूर्व वैट व्यवस्था की तरह सर्राफा व्यापार पर कर की दर घटाकर 1 प्रतिशत की जानी चाहिए।”

आगरा सर्राफा मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल ने व्यापारियों की ओर से मांग रखी कि “सर्राफा व्यापार पर वर्तमान 3 प्रतिशत जीएसटी दर को कम किया जाए, पुराने बिलों पर खरीदे गए सोना-चांदी को परचेज टैक्स से छूट दी जाए तथा व्यापारियों को उनके द्वारा जमा कर के अनुपात में सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन जैसी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।”

नितेश अग्रवाल ने कहा कि “जब ऑनलाइन बिलिंग की सीमा निर्धारित की गई थी, उस समय सोने-चांदी के भाव वर्तमान की तुलना में काफी कम थे। आज सोना लगभग 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी लगभग 2.80 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी है। ऐसे में छोटे व्यापारियों का भी वार्षिक कारोबार स्वाभाविक रूप से बढ़ा हुआ दिखाई देता है। इसलिए ऑनलाइन बिलिंग की सीमा को 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया जाना चाहिए।”

उन्होंने यह भी मांग की कि “भामाशाह पुरस्कार योजना को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया जाए, ताकि केवल बड़े टर्नओवर वाले प्रतिष्ठानों के बजाय छोटे और मध्यम व्यापारी भी सम्मानित एवं प्रोत्साहित हो सकें।”

देवेन्द्र गोयल महामंत्री, आगरा सर्राफा एसोसिएशन ने सर्राफा व्यापारियों की बैंक सी.सी. लिमिट से जुड़ी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि “आयात प्रतिबंधों और बाजार की वर्तमान परिस्थितियों के कारण व्यापार प्रभावित हो रहा है, जिससे बैंकिंग संबंधी कठिनाइयां बढ़ी हैं।” इस पर उपस्थित अधिकारियों ने तत्काल समाधानात्मक मार्गदर्शन प्रदान किया।

बैठक में व्यापारियों ने यह भी मांग की कि जिन व्यापारियों के बैंक ऋण संचालित हैं और विभिन्न कारणों से उनका टर्नओवर प्रभावित हुआ है, उन्हें अनावश्यक बैंकिंग दबाव से राहत प्रदान की जाए।

कार्यक्रम में विमल फतेहपुरिया उपाध्यक्ष, मनोज कुमार शर्मा, धर्मेन्द्र, बृजेश गुप्ता, पवन दौनेरिया, हरेन्द्र कुमार वर्मा आदि व्यापारियों ने विभाग की इस पहल की सराहना की और अपनी समस्याओं एवं सुझावों को अधिकारियों के समक्ष रखा।

इस अवसर पर आगरा श्री सर्राफा कमेटी के अध्यक्ष धनकुमार जैन ने सभी अधिकारियों एवं व्यापारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “विभाग और व्यापारियों के बीच इस प्रकार का सीधा संवाद समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।” उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे।”

कार्यक्रम में आगरा सर्राफा कमेटी के महामंत्री मनोज गुप्ता, महामंत्री बृजमोहन रेपुरिया, आगरा स्वर्णकार कमेटी के अध्यक्ष धीरज वर्मा, किनारी बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश गर्ग, मुन्नालाल शिवहरे, मयंक जैन, मनीष पैरोलिया, प्यारे लाल खंडेलवाल आदिव्यापारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से राज्य कर अधिकारी चन्द्रशेखर एवं कपिल देव भी उपस्थित रहे।

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