Agra : आगरा सर्राफा एसोसिएशन और आगरा व्यापार मंडल ने ट्रेड लाइसेंस शुल्क के खिलाफ मोर्चा खोल दी आंदोलन की चेतावनी
टर्नओवर आधारित शुल्क को बताया अव्यावहारिक, छोटे व्यापारियों पर बढ़ेगा बोझ

-जीएसटी और अन्य करों के बीच नया शुल्क व्यापारियों के लिए बना चिंता का विषय
-आगरा व्यापार मंडल और सर्राफा एसोसिएशन एकजुट, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
मनोहर समाचार, आगरा। नगर निगम में प्रस्तावित ट्रेड लाइसेंस वार्षिक शुल्क के विरोध में आगरा सर्राफा एसोसिएशन और आगरा व्यापार मंडल ने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर निगम प्रशासन को चेतावनी दी है। व्यापारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि यह शुल्क वापस नहीं लिया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे और अपनी दुकानों की चाबियां नगर निगम में जमा कर देंगे।

आगरा व्यापार मंडल और आगरा सराफा एसोसिएशन के नेतृत्व में शहर के सर्राफा व्यापारियों ने नगर निगम द्वारा प्रस्तावित ट्रेड लाइसेंस शुल्क के विरोध में एकजुट होकर जोरदार आपत्ति दर्ज कराई। साथ ही एनी व्यापारों से भी ये शुल्क हटाने की मांग उठाई। आगरा व्यापार मंडल अध्यक्ष टीएन अग्रवाल, जय पुरसनानी और आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उप नगर आयुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शहर के विभिन्न सर्राफा संगठनों के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

नितेश अग्रवाल ने बताया कि सर्राफा एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव पूरी तरह अव्यावहारिक एवं व्यापार विरोधी है। उन्होंने कहा कि सर्राफा व्यापार पहले से ही जीएसटी, कस्टम ड्यूटी, आयकर और हॉलमार्किंग जैसे अनेक करों के बोझ तले दबा हुआ है। ऐसे में टर्नओवर आधारित ट्रेड लाइसेंस शुल्क लगाना छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए अत्यंत कठिनाई पैदा करेगा।

उन्होंने ने यह भी बताया कि सोना-चांदी की ऊंची कीमतों के कारण छोटे व्यापारी भी कागजों में बड़े टर्नओवर में दिखाई देते हैं, जिससे यह कर व्यवस्था व्यावहारिक नहीं रह जाती। साथ ही, उत्तर प्रदेश के अन्य नगर निगमों में इस प्रकार का शुल्क व्यापक रूप से लागू नहीं है, जिससे यह निर्णय भेदभावपूर्ण प्रतीत होता है। नितेश अग्रवाल ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नगर निगम द्वारा प्रस्तावित ट्रेड लाइसेंस शुल्क को वापस नहीं लिया गया, तो सर्राफा व्यापारी सड़कों पर लामबद्ध होकर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि विरोध के स्वरूप में व्यापारी अपनी दुकानों की चाबियां नगर निगम कार्यालय में जमा कर देंगे और व्यापक स्तर पर आंदोलन करेंगे।
आगरा सराफा एसोसिएशन के महामंत्री अशोक अग्रवाल ने कहा कि सर्राफा व्यापार से लगभग कोई ठोस कचरा उत्पन्न नहीं होता, जबकि अन्य व्यवसायों पर अपेक्षाकृत कम शुल्क लगाया गया है। इसके अलावा, शहर में चल रहे मेट्रो कार्य, ट्रैफिक समस्याएं और बाजार में मंदी के चलते व्यापार पहले से प्रभावित है, जिससे यह अतिरिक्त शुल्क और अधिक बोझ बढ़ाने वाला है।
इस दौरान आगरा व्यापार मंडल अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने भी सर्राफा एसोसिएशन का समर्थन करते हुए कहा कि यह निर्णय व्यापारियों के हितों के विपरीत है और इसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए।
उप नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि इस विषय पर कार्यकारिणी स्तर पर विचार कर उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
श्री सर्राफा कमेटी के देवेंद्र अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम द्वारा प्रस्तावित यह ट्रेड लाइसेंस शुल्क पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने कहा कि सर्राफा व्यापार पहले से ही अनेक नियमों और करों के दायरे में संचालित हो रहा है, ऐसे में इस प्रकार का अतिरिक्त शुल्क व्यापारियों के लिए असहनीय बोझ बन जाएगा।
आगरा सर्राफा मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के बृजमोहन रेपुरिया ने कहा कि टर्नओवर आधारित शुल्क प्रणाली सर्राफा कारोबार की प्रकृति के अनुकूल नहीं है। सोना-चांदी की कीमतें अधिक होने के कारण कागजों में टर्नओवर ज्यादा दिखता है, जबकि वास्तविक लाभ बहुत सीमित होता है। ऐसे में यह शुल्क व्यवस्था व्यापार को हतोत्साहित करने वाली है।
आगरा व्यापार मंडल और सर्राफा एसोसिएशन ने अंत में कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस मौके पर आगरा व्यापार मंडल के राजीव गुप्ता, राकेश अग्रवाल, संदीप गुप्ता, अशोक लालवानी, अशोक अग्रवाल, आगरा सराफा एसोसिएशन के महामंत्री अशोक अग्रवाल, मयंक जैन, रामू फतेहपुरिया, संजय वर्मा, श्री सर्राफा कमेटी से देवेंद्र गोयल, आगरा सराफा मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन पवन दोनेरिया, बृजमोहन रेपुरिया, एमजी रोड सराफा एसोसिएशन मधुकर कक्क्ड़, अन्य कमेटियों से केके त्यागी, आलोक वर्मा, उमेश वर्मा, दिनेश अग्रवाल, अनिल नागवानी, कुलभूषण गुप्ता, अशोक अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, मनोज गुप्ता, सुनील कुमार वर्मा, मनोज शर्मा, वीरेंद्र गोयल, गणेश चंद्र गोयल आदि उपस्थित रहे।





