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Agra : भारतीय मानक ब्यूरो को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का चैम्बर ने दिया सुझाव

आगरा के अधिकतर उद्योगों आते है माइक्रो सेक्टर के अंतर्गत - चैम्बर अध्यक्ष

-भारतीय मानक ब्यूरों द्वारा टेस्टिंग लैब की की जाये स्थापना – अध्यक्ष मनोज बंसल

-चैम्बर में लाईसेंस विशेषज्ञों के साथ कैम्प आयोजित करने की चैम्बर ने की मांग

-बीआईएस द्वारा संचालित सर्टिफिकेशन योजना, क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर तथा स्टैन्डर्ड इम्प्लीमेशन की दी गयी जानकारी

-बीआईएस प्रमाणन उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं विश्वसनीयता करता है सुनिश्चित

-सरकार का उद्देश्य क्वालिटी इंडिया – आत्मनिर्भर भारत के विजन को बढाने का किया आह्यन

-मानकों का पालन करने से उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, उत्पादन लागत में कमी, ग्राहकों का विश्वास बढ़ने तथा निर्यात के नए अवसर प्राप्त होने में मिलती है सहायता

-भारतीय मानक ब्यूरों में लाईसेस एप्लाई करने के 30 दिन के अंतर्गत मिल जाता है लाईसेंस

-भारतीय मानक ब्यूरों में होते हैं 24000 स्टैन्डर्ड

मनोहर समाचार, आगरा । चैम्बर सभाागर में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल की अध्यक्षता में भारतीय मानक ब्यूरो के सीनियर डायरेक्टर एवं नोएडा ब्रांच ऑफिस के हैड श्री कौशिक दत्ता एवं नोएडा ब्रांच से उपनिदेशक श्री मोहम्मद अफसर इमाम, साईटिस्ट-सी श्री नीरज कुमार जी के साथ बीआईएस की विभिन्न योजनाआंे के बारे में जानकारी प्रदान की गयी। बैठक बिजनिस डवलपमेंट एंड एजूकेशन प्रकोष्ठ के चेयरमैन अपूर्व मित्तल के अंतर्गत आयोजित की गयी। बैठक का संचालन उपाध्यक्ष अम्बा प्रसाद गर्ग द्वारा किया गया।

चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने कहा कि आगरा का उद्योग बंदिशों में कार्य कर रहा है। यहाँ के उद्योग अधिकतम माइक्रो सेक्टर के अंतर्गत आते हैं तथा बीआईएस के संबंध में जागरूकता न होने के कारण बीआईएस में पंजीकृत होने से हिचकिचाते हैं। यहाँ के उद्यमी अपने फर्म में मालिक, प्रबंधक व एकाउंटटेंट की भूमिका निभाते हैं। हमारा सुझाव है कि आगरा के उद्योंगो में बीआईएस की जागरूकता लाने के लिये सेक्टर वाईज जैसे जूता, ज्वैलरी, फाउंड्री आदि में भारतीय मानक ब्यूरों जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया जाये। भारतीय मानक ब्यूरों द्वारा लाईसेंस की सुविधा ऑनलाइन किया जाना सराहनीय पहल है किंतु लाइसेंस हेतु लगाने वाले दस्तावेजों, व जानकारी के अभाव में चैम्बर में लाईसेंस विशेषज्ञों के साथ एक कैम्प आयोजित किया जाये जिसमें लाईसेंस संबंधी आवश्यक दस्तावेजों की सूची चैम्बर को उपलब्ध कराये जाये और चैम्बर द्वारा सदस्यों को दस्तावेजों की सूची भेजकर कैम्प के माध्यम से भारतीय मानक ब्यूरों में पंजीकृत कराया जा सके।

चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने कहा कि आगरा में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा टेस्टिंग लैब की सुविधा प्रदान की जानी चाहिये। भारत सरकार द्वारा इजी ऑफ डूइंग के क्षेत्र में उद्योगों को सर्पोट व सहयोग मिलना चाहिये। क्योंकि बीआईएस को लागू करने से उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ेगी व कॉस्ट इनपुट में इजाफा होगा लेकिन इसका उद्योगों को बाद में इसका आउटपुट बहुत ही अच्छा देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गुणवत्ता, सुरक्षा एवं विश्वसनीयता किसी भी उद्योग की सफलता का आधार बन चुकी है। केवल उत्पाद का निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका निर्धारित मानकों के अनुरूप होना भी उतना ही आवश्यक है। भारतीय मानक ब्यूरो देश में गुणवत्ता मानकों को स्थापित करने वाली प्रमुख संस्था है। बीआईएस द्वारा संचालित सर्टिफिकेशन योजना, क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर तथा स्टैन्डर्ड इम्प्लीमेशन की जानकारी उद्योगों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए अत्यंत उपयोगी है। बैठक में बीआईएस द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सहायता योजनाओं, प्रमाणन प्रक्रिया में मिलने वाली रियायतों, तकनीकी सहयोग एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी प्रदान की गयी यह जानकारी उद्यमियों को न केवल गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए प्रेरित करेगी, बल्कि उनके उत्पादों की बाजार में स्वीकार्यता बढ़ाने तथा घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आज सरकार का उद्देश्य क्वालिटी इंडिया – आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करना है। यदि हमारे उद्योग भारतीय मानकों का पालन करेंगे, तो इससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा निर्यात के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।

भारतीय मानक ब्यूरो के सीनियर डायरेक्टर एवं नोएडा ब्रांच ऑफिस के हैड श्री कौशिक दत्ता ने बताया कि बीआईएस प्रमाणन उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है। वर्तमान समय में घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए भारतीय मानकों का अनुपालन अत्यंत आवश्यक हो गया है। क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा अनेक उत्पादों पर गुणवत्ता नियंत्रण आदेश लागू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों पर रोक लगाना तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं मानक गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराना है। उद्योगों से इन आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। कार्यक्रम के दौरान भारतीय मानकों स्टैन्डर्ड के प्रभावी क्रियान्वयन, उत्पाद गुणवत्ता सुधार, परीक्षण सुविधाओं तथा गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली अपनाने के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि मानकों का पालन करने से उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, उत्पादन लागत में कमी, ग्राहकों का विश्वास बढ़ने तथा निर्यात के नए अवसर प्राप्त होने में सहायता मिलती है।

भारतीय मानक ब्यूरो के नोएडा ब्रांच से उपनिदेशक श्री मोहम्मद अफसर इमाम ने एमएसएमई इकाइयों के लिए बीआईएस द्वारा उपलब्ध विभिन्न सहायता एवं रियायतों की जानकारी देते हुए बताया गया कि सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को प्रमाणन प्रक्रिया में अनेक प्रकार की रियायतें, शुल्क में छूट, तकनीकी मार्गदर्शन तथा मानकों के अनुपालन हेतु आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाता है। इन सुविधाओं का उद्देश्य एमएसएमई को गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना तथा उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप सक्षम बनाना है।

बैठक में धन्यवाद ज्ञापन पूर्व अध्यक्ष अमर मित्तल द्वारा किया गया।

बैठक में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल, उपाध्यक्ष द्वय नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, कोषाध्यक्ष विनय मित्तल, पूर्व अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल, अमर मित्तल, अशोक कुमार गोयल, सदस्य राजकुमार भगत, संजय आरोरा, सुनील सिंघल, देवेन्द्र गोयल, योगेश सिंघल, राकेश सिंघल, चन्द्रवीर सिंह फौजदार, अम्बुज गोयल, प्रशांत अग्रवाल, अमित, शिशिर गुप्ता, संजीव अग्रवाल, रवि मित्तल, लक्ष्मी नारायन, नितीन जैन, केशव सिंघल, हर्षित अग्रवाल, शोभित अग्रवाल, अमित बंसल, सतीश अग्रवाल, अभिजित धवन, मुकेश शर्मा, अपूर्व मित्तल, जयकिशन गुप्ता, राजेश अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

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