Agra : श्री प्रेमनिधि मंदिर में अधिकमास के छठे दिन धूमधाम से मना ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी का जन्मोत्सव
पंचामृत अभिषेक, बधाई कीर्तन और नंदोत्सव की उमंग में झूमे श्रद्धालु

मनोहर समाचार, आगरा। नाई की मंडी, कटरा हाथी शाह स्थित प्राचीन श्री प्रेमनिधि मंदिर में चल रहे श्री पुरुषोत्तम (अधिक मास) मनोरथ महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को ठाकुर श्री श्याम बिहारी (श्री बड़े गोविन्द) जी महाराज का ‘जन्मोत्सव’ (जन्माष्टमी मनोरथ) अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर दिनभर बधाइयों, संकीर्तन, शंखनाद और जयकारों से गुंजायमान रहा।
अधिकमास के छठे दिन आयोजित इस विशेष मनोरथ में प्रभु का अलौकिक बाल स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना। पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार ठाकुर जी को विशेष नूतन वागा, स्वर्ण-रजत आभूषण एवं मनोहारी श्रृंगार धारण कराया गया। जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर में नंदोत्सव जैसा उल्लास दिखाई दिया और भक्तों ने “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोषों के साथ प्रभु की बधाइयां गाईं।
पुष्टिमार्गीय परंपरा में जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण का स्मरण नहीं, बल्कि भक्त के हृदय में प्रभु के नित्य प्राकट्य का उत्सव मानी जाती है। अधिकमास, जिसे पुरुषोत्तम मास कहा जाता है, ठाकुर जी को अत्यंत प्रिय माना गया है। इसी कारण इस पवित्र मास में वर्षभर के समस्त प्रमुख उत्सव मंदिर में विशेष मनोरथ स्वरूप आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्य सेवाधारी हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि पुष्टिमार्ग में वात्सल्य भाव की प्रधानता है और ठाकुर जी को बाल स्वरूप में लाड़ लड़ाकर सेवा की जाती है। उन्होंने कहा कि जन्मोत्सव के अवसर पर ठाकुर जी के दिव्य दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
सेवा अधिकारी सुनीत गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि जन्मोत्सव के अवसर पर ठाकुर जी को विशेष भोग अर्पित किए गए तथा पुष्टिमार्गीय कीर्तनकारों द्वारा पारंपरिक बधाई पदों का सस्वर गायन किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिरस में डूब गया।
मंदिर प्रशासक दिनेश पचौरी ने बताया कि अलसुबह ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी महाराज का वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य भव्य पंचामृत महाअभिषेक सम्पन्न कराया गया। प्रभु को दूध, दही, घी, शहद और मिश्री से निर्मित पंचामृत से स्नान कराने के उपरांत गंगाजल एवं सुवासित इत्र-जल से अभिषेक किया गया। इसके पश्चात ठाकुर जी को नूतन वागा एवं कलात्मक स्वर्ण-रजत आभूषणों से अलंकृत कर विशेष झांकी सजाई गई, जिसके दर्शन हेतु श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
आज के जन्मोत्सव मनोरथ के चरण सेवक विजय कुमार सिंघल एवं अंकुर सिंघल रहे। उन्होंने सपरिवार ठाकुर जी की सेवा, आरती एवं भोग के दर्शन कर संत-वैष्णवों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं श्रद्धालुओं की व्यवस्था में मंदिर के स्वयंसेवकों विशाल, आदित्य, सागर, सचेंद्र, रानू, राहुल एवं अमित की विशेष भूमिका रही।
इस अवसर पर अंकुर सिंघल, मनीष अग्रवाल, संतोष मित्तल, हर्ष खंडेलवाल, रामनिवास गुप्ता, श्रीराम धाकड़ आदि उपस्थित रहे।





