धर्म

Agra : यमुना तट पर सजेगा आध्यात्मिक उत्सव, अग्रवन की विरासत से ब्रज संस्कृति तक, श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का होगा भव्य आयोजन

श्री मनःकामेश्वर मठ के तत्वावधान में 17 से 24 मई तक भव्य आयोजन, द्वादश ज्योतिर्लिंग, बाल संस्कार शिविर होंगे विशेष आकर्षण

मनोहर समाचार, आगरा। श्री मनःकामेश्वर मंदिर मठ द्वारा पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित होने जा रहे श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के आमंत्रण पत्र का विमोचन शुक्रवार को यमुना किनारा रोड, ताज व्यू गार्डन फेस-1 स्थित कथा स्थल पर संपन्न हुआ। इस अवसर पर मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने आयोजन की विस्तृत जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि पुरुषोत्तम मास, जिसे अधिक मास भी कहा जाता है, भगवान विष्णु को समर्पित है और प्रत्येक तीन वर्ष में आता है। इस मास में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण विशेष पुण्यदायक माना गया है। पहली बार मंदिर प्रांगण से बाहर इतने विशाल स्वरूप में यह आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन लगभग दो से ढाई हजार श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है। कथा व्यास श्री महंत योगेश पुरी हैं।

कथा स्थल पर लगभग 200 गज क्षेत्र में पूर्ण वातानुकूलित भव्य कथा मंडपम तैयार किया जा रहा है। महाकुंभ की तर्ज पर परिसर में भोजनालय, अतिथि गृह एवं ब्राह्मण कक्ष सहित विभिन्न कुटियाएं बनाई गई हैं। कथा स्थल पर थर्माकोल एवं पीओपी से निर्मित भव्य द्वादश ज्योतिर्लिंग स्थापित किए गए हैं, जिनके पीछे उनके मूल मंदिरों के अनुरूप गोपुरम बनाए गए हैं। मंच पर भगवान विष्णु के 24 अवतारों की मूर्तियां विराजित की जा रही हैं।
उन्होंने ने बताया कि कथा के मुख्य यजमान स्वयं श्री मनकामेश्वर बाबा होंगे, जिनका स्वरूप मंच पर कथा व्यास की ओर मुख कर विराजमान रहेगा। प्रतिदिन कथा के पश्चात 20 फीट ऊंचे मंच से यमुना नदी की आरती की जाएगी।

आयोजन का उद्देश्य यमुना संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, ब्रज संस्कृति का संवर्धन तथा सनातन परंपराओं का पुनर्जागरण है। आगरा को ब्रज का प्रवेश द्वार बताते हुए सुधीर यादव ने कहा कि अग्रवन, ब्रज के प्रमुख वनों में से एक रहा है। इसी विरासत को जनमानस तक पहुंचाने के लिए कथा स्थल पर विशाल एलईडी स्क्रीन पर आगरा के स्वर्णिम भक्ति इतिहास, ब्रज संस्कृति, लोकाचार तथा बटेश्वर से लेकर ब्रज के विभिन्न क्षेत्रों की धार्मिक यात्रा का प्रदर्शन किया जाएगा। विरासत से भविष्य तक का यह दृश्यात्मक प्रस्तुतीकरण आयोजन का विशेष आकर्षण रहेगा।

कार्यक्रम के अनुसार 17 मई को प्रातः 7 बजे श्री मनःकामेश्वर मठ से भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल तक पहुंचेगी। 18 मई से 24 मई तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से “हरि इच्छा” तक श्रीमद्भागवत कथा आयोजित होगी।

बाल संस्कार शिविर विशेष आकर्षण
प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से कथा स्थल पर सात दिवसीय बाल संस्कार शिविर आयोजित होगा। इसमें गीता परिवार आगरा मंडल द्वारा बच्चों को श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक पढ़ना, समझना और जीवन में उतारना सिखाया जाएगा। यह प्रशिक्षण राजीव गुप्ता पार्थ एवं डॉ. दीप्ति श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में होगा। साथ ही गीता परिवार की बाल संस्कार पाठमाला पुस्तक का निशुल्क वितरण किया जाएगा।
शिविर में दीप्ति गर्ग एवं शानू अग्रवाल योग का प्रशिक्षण देंगी, अनामिका वर्मा एक्रेलिक आर्ट सिखाएंगी। कथा व्यास श्रीमहंत योगेश पुरी के शिष्य मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण देंगे। कार्तिक भारद्वाज के नेतृत्व में गायन, प्रश्नोत्तरी, सांस्कृतिक नृत्य एवं चित्रकला गतिविधियां आयोजित होंगी।

शिविर में श्री मनकामेश्वर बाल विद्यालय के लगभग 200 बच्चों सहित स्थानीय अन्य विद्यालयों के 400 से 500 बच्चे प्रतिभाग करेंगे। बच्चों को प्रकृति से जोड़ने के लिए पौधारोपण, पक्षियों को जल एवं दाना डालने का प्रकल्प सिखाया जाएगा। बच्चों को स्वल्पाहार वितरण की व्यवस्था भी विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा की जाएगी।

ये रहे उपस्थित
आमंत्रण पत्र विमोचन के अवसर पर अनिल रावत, सुधीर यादव, अमर गुप्ता, धीरज जैन, गोपाल बंसल, दीपक, अंकित अग्रवाल, पायल माथुर, अनुज शर्मा, लक्ष्मीकांत राजावत, थानेश्वर तिवारी, अखिलेश आदि उपस्थित रहे।

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