Agra : श्री प्रेमनिधि मंदिर में अधिकमास के सातवें दिन धूमधाम से मना नंदोत्सव
नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोषों से गूंज उठा मंदिर परिसर

मनोहर समाचार, आगरा। नाई की मंडी, कटरा हाथी शाह स्थित प्राचीन श्री प्रेमनिधि मंदिर में चल रहे श्री पुरुषोत्तम (अधिक मास) मनोरथ महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को ठाकुर श्री श्याम बिहारी (श्री बड़े गोविन्द) जी महाराज का ‘नंदोत्सव’ अत्यंत उल्लास, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर दिनभर बधाई कीर्तनों, जयघोषों और भक्तों की उमंग से जीवंत बना रहा।

पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार जन्मोत्सव के अगले दिन नंदभवन में मनाए गए आनंदोत्सव की स्मृति में ‘नंदोत्सव’ आयोजित किया जाता है। अधिकमास के सातवें दिन आयोजित इस विशेष मनोरथ में भक्तों ने स्वयं को ब्रजवासी भाव में अनुभव करते हुए ठाकुर जी के साथ नंदोत्सव की लीलाओं का रसास्वादन किया। मंदिर परिसर “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
मुख्य सेवाधारी हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि पुष्टिमार्ग में नंदोत्सव वात्सल्य और आनंद का सर्वोच्च प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि आज मंदिर में वही उल्लास दिखाई दिया जैसा द्वापर युग में नंद बाबा के आंगन में बालकृष्ण के प्राकट्य पर हुआ था। परंपरा के अनुसार भक्तों के मध्य खिलौने, वस्त्र, फल एवं मिठाइयों की बधाई लुटाई गई, जिसे प्राप्त कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
सेवा अधिकारी सुनीत गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी महाराज को विशेष केसरिया एवं पीताम्बरी वागा धारण कराए गए तथा विशिष्ट आभूषणों से अलंकृत किया गया। कीर्तनकारों द्वारा “नंद घर आनंद भयो” सहित पारंपरिक बधाई पदों का संगीतमय गायन किया गया। प्रभु को माखन-मिश्री एवं छप्पन भोग का विशेष नेग अर्पित किया गया।
मंदिर प्रशासक श्री दिनेश पचौरी ने बताया कि अधिकमास के अंतर्गत चल रहे इस एक माह के मनोरथ महोत्सव में आज नंदोत्सव के दर्शन हेतु श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर प्रबंधन द्वारा दर्शनार्थियों की सुविधा एवं सुचारू व्यवस्था के लिए विशेष प्रबंध किए गए, जिससे सभी भक्तों को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित दर्शन प्राप्त हो सके।
आज के भव्य नंदोत्सव मनोरथ के चरण सेवक आनंद कुमार गोयल रहे। इस अवसर पर आनंद कुमार, अजय कुमार, पुनीत कुमार, विपुल, माधव, आयुष, अर्क, प्रहलाद गोयल, भक्ति गोस्वामी एवं वंशिका गोस्वामी ने उपस्थित होकर ठाकुर जी की विशेष आरती उतारी, मनोरथ के दर्शन किए तथा संत-वैष्णवों का आशीर्वाद प्राप्त किया।





