शिक्षा

Agra : ट्रेडमार्क फाइलिंग की बारीकियों पर हुआ व्यावहारिक मार्गदर्शन

भारतीय कंपनी सचिव संस्थान आगरा चैप्टर में बौद्धिक संपदा कार्यशाला का द्वितीय दिवस संपन्न

मनोहर समाचार, आगरा. नेहरू नगर स्थित भारतीय कंपनी सचिव संस्थान आगरा चैप्टर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) कार्यशाला के द्वितीय दिवस का आयोजन संपन्न हुआ। दूसरे दिन मुख्य वक्ता कंपनी सेक्रेटरी सीएस नीतू अग्रवाल रहीं, जिन्होंने प्रतिभागियों को ट्रेडमार्क एवं कॉपीराइट विषय पर विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।

अपने सत्र में सीएस नीतू अग्रवाल ने ट्रेडमार्क फाइलिंग की प्रैक्टिकल एप्लिकेशन्स पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि किसी भी ब्रांड की कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रेडमार्क आवेदन सही वर्ग में, सटीक विवरण एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ दायर किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ट्रेडमार्क से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी शब्दों जैसे — डिस्टिंक्टिवनेस, ऑब्जेक्शन, अपोजिशन, रजिस्ट्रेशन आदि को सरल उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया, जिससे विद्यार्थियों को प्रक्रिया की जटिलताओं को समझने में सहजता हुई।


उन्होंने यह भी बताया कि सही रणनीति और पूर्व खोज (Trademark Search) के बिना फाइलिंग करने से आवेदन में आपत्तियाँ आ सकती हैं, जिससे समय और संसाधनों की हानि होती है। अतः प्रत्येक पेशेवर को ट्रेडमार्क कानून की तकनीकी समझ विकसित करनी चाहिए।

सत्र के दूसरे भाग में उन्होंने कॉपीराइट विषय पर प्रकाश डालते हुए कॉपीराइट की अवधारणा, उसके अंतर्गत आने वाले साहित्यिक, कलात्मक, संगीत, नाट्य एवं सॉफ्टवेयर कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि कॉपीराइट सृजनकर्ता को उसके कार्य पर विशेष अधिकार प्रदान करता है, जिससे वह पुनरुत्पादन, प्रकाशन एवं वितरण पर नियंत्रण रख सकता है।

सीएस नीतू अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में बौद्धिक संपदा की सुरक्षा और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि ऑनलाइन माध्यमों पर सामग्री का दुरुपयोग तीव्र गति से हो सकता है। ऐसे में कॉपीराइट पंजीकरण सृजनकर्ताओं के अधिकारों की प्रभावी रक्षा करता है।
अध्यक्ष सीएस अनुज अशोक ने बताया कि कार्यशाला का यह सत्र प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों एवं प्रोफेशनल्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

कार्यशाला तृतीय दिवस में पेटेंट एवं डिजाइन पंजीकरण के व्यावहारिक पहलुओं पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

इस अवसर पर रोहित वर्मा, अमोद सोलंकी, सोनू आसवानी, आकाश जैन, स्वप्निल गुप्ता, मेघा अग्रवाल, निमिषा तयाल आदि उपस्थित रहे।

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