Agra : मकर संक्रांति पर तपस्या फाउंडेशन की कंबल सेवा
पतंग व दान उत्सव के रूप में मनाया गया उत्तरायण पर्व, 100 से अधिक बच्चों संग बांटी खुशियां

मनोहर समाचार, आगरा। उत्तरायण पर्व के पावन अवसर को दान एवं पतंग उत्सव के रूप में मनाते हुए तपस्या फाउंडेशन द्वारा बूढ़ी का नगला, दयालबाग स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सेवा एवं संस्कार से परिपूर्ण आयोजन किया गया। इस अवसर पर मलिन बस्तियों के 100 से अधिक बच्चों के साथ उत्सव की खुशियां साझा की गईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था की संस्थापक अध्यक्ष पूजा खिलवानी, संरक्षक नितिन कोहली, मार्ग दर्शक आचार्य सुनील कुमार वशिष्ठ, व्यवस्थापक मोहित दिवाकर, दिव्यांश सक्सेना और संयोजिका प्रियंका अग्रवाल द्वारा ठाकुर जी के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।
संस्थापक अध्यक्ष पूजा खिलवानी ने बच्चों को आध्यात्मिक अनुभूति से जोड़ते हुए आदित्य हृदय स्तोत्र एवं विभिन्न मंत्रों का उच्चारण करवाया तथा उनके भावार्थ को सरल शब्दों में समझाया। पूजा खिलवानी ने बच्चों को उत्तरायण पर्व के धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि यह पर्व सूर्य देव की आराधना का प्रतीक है, दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर तथा अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होने का संदेश देता है। उन्होंने सनातन धर्म में इस विशेष पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को सकारात्मक जीवन मूल्यों, अनुशासन एवं सेवा भाव की सीख दी और सदगुरू मैं तेरी पतंग…. भजन को स्वर से सजाया।
संरक्षक नितिन कोहली ने अपने व्यक्तव्य में कहा कि तपस्या फाउंडेशन का उद्देश्य केवल सेवा करना ही नहीं, बल्कि समाज के वंचित वर्ग, विशेषकर बच्चों को संस्कार, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति जैसा पर्व हमें दान, सहयोग और सामूहिकता की भावना सिखाता है, और ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों के जीवन में आशा और उत्साह का संचार होता है। उन्होंने बच्चों से कहा कि प्रतिदिन कुछ देर मंत्र उच्चारण अवश्य करें।
कार्यक्रम के अंतर्गत जरूरतमंद बच्चों को कंबल, गर्म वस्त्र, विविध खाद्य सामग्रीऔर पतंग वितरित की गई। साथ ही बच्चों के साथ पतंग उड़ाकर उत्सव की खुशियां साझा की गईं और उन्हें इस परंपरा का सांस्कृतिक महत्व भी समझाया गया। बच्चों ने भी पर्व विशेष पर प्रस्तुति दी। बालक विहान ने पतंग उड़ाने के महत्व की जानकारी साझा की।
श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर को विशेष रूप से पतंग एवं खिचड़ी उत्सव की थीम पर सजाया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बन गया। इस अवसर पर अमोल गुप्ता, सचिन चतुर्वेदी, प्रशांत सोनी, उमेश सिंह, राहुल शाक्य आदि उपस्थित रहे।





