Agra : कन्हैया झूले पलना नेक धीरे झोटा दीजो…
श्रीराधा हमारी गौरी गौरी नवल किशोरी, कन्हैया मेरा कारो है...

-श्रीमद्भागवत कथा में आज श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का हुआ वर्णन, राधारानी और कन्हैया के भजनों पर खूब झूमें श्रद्धालू, गोकुल में नन्दोत्सव की छायी उमंग
मनोहर समाचार, आगरा। माखन चोरी और महारास, गोवर्धन जैसी लीलाओं ने जहां भक्तों को भाव विभोर कर दिया वहीं बालक कृष्ण के पूतना वध और शकटासुर, अघासुर, तृणावर्त, बकासुर का वध करने पर कथा स्थल राधा-कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। श्रीकृष्ण के दर्शन करने पहुंचे शिवजी के प्रसंग का वर्णन हुआ भक्तों का मन भी भक्ति में झूमने नाचने लगा। महारानी बाग में चल रही श्रीमद्भावत कथा के पांचवे दिन व्यास पीठ से बैठकर कथा वाचक भगवताचार्य दिनेश दीक्षित जी ने गोवर्धन पूजा व श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के प्रसंग कहे।

बोदला, महारानी बाग में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आज मानों कथा स्थल गोकुल बन गया। नन्दोत्सव की उमंग हर ओर बिखरी थी। हर बृजवासी कन्हैया के जन्म का उत्सव मना रहा था। कन्हैया झूले पलना, नेक धीरे झौंटा दीजो…, नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की… और श्रीराधा हमारी गौरी गौरी, नवल किशोरी… जैसे भजनों पर भक्तजनों भक्ति की गंगा में डूबकर खूब नृत्य किया। गर्ग ऋषि ने कृष्ण नाम के साथ कन्हैया का नामकरण किया। भगवताचार्य दिनेश दीक्षित ने ब्रज रज और ब्रज क्षेत्र में श्रीकृष्ण, राधारानी और यमुना महारानी के महत्व को समझाया। कथा से पूर्व हनुमान चालीसा पाठ का किया गया। मथुरा से आए रामवीर सिंह चौधरी ने चांदी का मुकुट पहनाकर भगवताचार्य का सम्मान किया। कथा विराम पर आरती कर सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के डॉ. जीएस राणा, अनीता राणा, संयोजक डॉ. अरुण प्रताप सिंह, राजीव सोलंकी, स्नेहलता सोलंकी, सतेन्द्र कटारा, लोकेश, शिवम, प्रिया,, सीमा भदौरिया, अजय सिंह, सुधाकर त्यागी, हेमन्त, ओम बिहारी, लाल सिंह लोधी, अरविन्द दुबे, दिलीप स्वामी, डॉ. लक्ष्मण सिंह आदि उपस्थित रहे।





