Agra : शास्त्रीपुरम में जोनल पार्क से जपनाम अस्पताल तक दौड़े 600 से अधिक धावक
9 वर्षीय किशोर चैतन्य पाल से लेकर 84 वर्षीय बुजुर्ग रतन सिंह आर्य तक दिखा दौड़ और फिटनेस के लिए जज्बा

-आगरा स्पोर्ट्स फाउंडेशन ने आगरा ताज हाफ मैराथन के तृतीय संस्करण के लिए आयोजित की दूसरी प्रोमो रेस
-पहले आगरा के लोग मैराथन के लिए बाहर जाते थे, अब बाहर के लोग मैराथन के लिए आ रहे आगरा: वंदना सिंह
-स्वस्थ रहेगा इंडिया तभी तो पढ़ेगा इंडिया, तभी तो बढ़ेगा इंडिया: रोटेरियन डॉ. आरती मेहरोत्रा
मनोहर समाचार, आगरा। आगरा स्पोर्ट्स फाउंडेशन एवं एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल मैराथन एंड डिस्टेंस रेसेज द्वारा अगले वर्ष 08 फरवरी को आयोजित आगरा ताज हाफ मैराथन के तीसरे संस्करण के लिए 05 और 10 किलोमीटर की दूसरी प्रोमो रेस का आयोजन रविवार सुबह शास्त्रीपुरम क्षेत्र में जोनल पार्क से इंडस्ट्रियल एरिया होते हुए जपनाम अस्पताल तक किया गया। दूसरी प्रोमो रेस में 9 वर्षीय किशोर चैतन्य पाल से लेकर 84 वर्षीय बुजुर्ग रतन सिंह आर्य सहित 600 से अधिक धावकों ने दौड़ और फिटनेस के प्रति अपने जज्बे का प्रदर्शन किया।

इससे पूर्व रोटेरियन डॉ. आरती मेहरोत्रा और दीपक नेगी ने सभी धावकों को ‘जय हो’ जैसी उत्साहवर्धक म्यूजिक बीट्स पर वार्म अप एक्सरसाइज करवा के प्रोमो रेस के लिए मानसिक रूप से तैयार किया। स्वामी परमानंद महाराज ने शंखनाद किया। राष्ट्रगान किया गया। इस अवसर पर डॉ. आरती मेहरोत्रा ने धावकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “आप सबका जोश और जुनून देखने लायक है। हमारी कोशिश है कि सब स्वस्थ रहें। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी जी के नारे को आगे बढ़ाते हुए कहा कि स्वस्थ रहेगा इंडिया तभी तो पढ़ेगा इंडिया और तभी तो बढ़ेगा इंडिया.।”

मुख्य अतिथि राष्ट्र सेविका समिति शास्त्री नगर संपर्क प्रमुख वंदना सिंह ने जैसे ही फ्लैग ऑफ किया, धावकों ने दौड़ना शुरू कर दिया। अपने सीने पर आगरा ताज हाफ मैराथन का टैग लगाए धावकों का उत्साह देखते ही बनता था। इस अवसर पर वंदना सिंह ने कहा कि पहले आगरा के लोग मैराथन के लिए बाहर जाते थे, अब बाहर के लोग मैराथन के लिए आगरा आ रहे हैं।
ऑर्गेनाइजिंग प्रेसिडेंट संदीप ढल ने बताया कि “पहली बार आगरा ताज हाफ मैराथन की सभी रेस श्रेणियाँ एआईएमएस से वैश्विक स्तर पर प्रमाणित हुई हैं। इससे आगरा का नाम वैश्विक मैराथन मानचित्र पर दर्ज हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछली बार 3000 धावकों ने हाफ मैराथन में भाग लिया था, इस बार इससे भी ज्यादा की उम्मीद है। 2000 रजिस्ट्रेशन अब तक हो चुके हैं।”

ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि “फिट इंडिया कैंपेन के तहत हमारा उद्देश्य शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर अधिक से अधिक लोगों को हेल्थ, फिटनेस और रनिंग के लिए जागरूक करना है। इच्छुक लोग आगरा स्पोर्ट्स फेडरेशन की वेबसाइट athm.in पर रजिस्ट्रेशन करवा कर अर्ली बर्ड ऑफर प्राप्त कर सकते हैं। ”
आगरा स्पोर्ट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. विकास मित्तल ने आगरावासियों से मैराथन में भाग लेकर जीवन स्वस्थ बनाने की अपील करते हुए बताया कि “इस आयोजन द्वारा नगर निगम के स्वच्छ आगरा, स्वस्थ आगरा और प्लास्टिक मुक्त आगरा अभियान को सपोर्ट किया जा रहा है।”
आयोजन के प्रवक्ता और मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक डॉ. दिनेश राठौर ने कहा कि “आगरा ताज हाफ मैराथन का उद्देश्य फिटनेस और टूरिज्म को बढ़ावा देना है। आगरा पर्यटन की दृष्टि से विश्व स्तरीय शहर है। इस बार 8 फरवरी, 2026 को भारत ही नहीं दूसरे देशों से भी धावक भाग लेंगे।”
सपरिवार लगाइए दौड़
आगरा ताज हाफ मैराथन की दूसरी प्रोमो रेस में मुंबई से सपरिवार आकर भाग लेने वाले नेवी अधिकारी गजेंद्र सिंह ने कहा कि पूरे परिवार की फिटनेस के लिए पूरे परिवार के साथ दौड़ लगाना जरूरी है।
मैराथन जीतकर अस्थमा को हराया
दूसरी प्रोमो रेस में गाजियाबाद से भाग लेने आए ‘इनसाइड रनिंग माइंड्स’ पुस्तक के लेखक और पिछले वर्ष आगरा ताज हाफ मैराथन के विजेता रहे 61 वर्षीय राज जी ने बताया कि उनको अस्थमा था लेकिन जब उन्होंने पहली बार 21 किलोमीटर की मैराथन में भाग लिया तो न केवल मैराथन जीता बल्कि अस्थमा को भी हमेशा के लिए हरा दिया।
इन्होंने निभाई महती भूमिका
प्रोमो रेस के पूरे रूट पर धावकों के लिए हाइड्रेशन और सड़क सुरक्षा की दृष्टि से गोपाल शर्मा, गोपाल अग्रवाल, डॉ. विकास मित्तल और डॉ. एन एस लोधी ने पूरी व्यवस्था सँभाली। वहीं जोनल पार्क में महेश सारस्वत और आवेग मित्तल जी ने सभी व्यवस्थाओं को सँभाल कर कार्यक्रम को सफल बनाया। विकल्प वशिष्ठ, अजय यादव, उमेश यादव, जय यादव और परमजीत सिंह ने जोनल पार्क में रजिस्ट्रेशन डेस्क के साथ-साथ धावकों के खानपान की व्यवस्था को बखूबी सँभाला।
यह भी रहे शामिल
इस दौरान आगरा ताज हाफ मैराथन- 2026 आयोजन समिति के प्रदीप यादव, कमलकांत, संकल्प वशिष्ठ, ईशू कुलश्रेष्ठ और भरत सारस्वत भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।





