Agra : एआई मशीन पर आगरा की 20 महिलाओं ने लिया देश के जाने माने डिजायनरों से प्रशिक्षण
ताज महोत्सव में ओडीओपी व वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम द्वारा आयोजित धरोहर कार्यक्रम एआई जैक सिलाई मशीन से दिया गया प्रशिक्षण आगरा। देश के जाने माने फैशन

मनोहर समाचार, आगरा। देश के जाने माने फैश डिजायनरों ने आज ताजमहोत्सव में आगरा की 20 महिलाओं को एआई आधारित हाई क्लास जैक मशीन पर प्रशिक्षण दिया। आज तैयार किए गए इन परिधानों के प्रदर्शन के लिए मंगलवार को शाम 7 बजे ताज महोत्सव के मुख्य मंच पर “धरोहर – ODOP फ्यूजन शो” (फैशन शो) का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन केवल एक फैशन शो नहीं, बल्कि देशभर के फैशन डिजायनर, बुनकर और ODOP उत्पादों को समर्पित एक विशेष मंच होगा, जहाँ परंपरा और आधुनिक डिजाइन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम के सीईओ अंकुश अनामी ने बताया कि फैशन शो में लगभग 50 से अधिक डिजाइनर परिधानों का प्रदर्शन किया जाएगा। जिन्हें ODOP के टेक्सटाइल और अन्य पारंपरिक उत्पादों से तैयार किया गया है। इन परिधानों को देश के विभिन्न राज्यों से आए डिज़ाइनरों (राजस्थान की विशाखा माली, मध्य प्रदेश की उषा पनवर, महाराष्ट्र शिरीन जोशी, आंध्र प्रदेश की करुमांची भाग्यलक्ष्मी, मध्य प्रदेश की हिमांशी प्रजापति, महाराष्ट्र की एकता चावला, उप्र की अनुजा कपूर, आंध्र प्रदेश की हारिनी वैंकयलापति ने डिजायन किया है।
इस आयोजन की विशेषता यह है कि सभी परिधानों की सिलाई AI आधारित हाई-क्लास Jack सिलाई मशीनों से की गई। इससे पहले आगरा की स्थानीय महिला दर्जियों को दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया और उन्हीं के माध्यम से लाइव गारमेंट्स तैयार कराए गए।
इस पहल का उद्देश्य स्थानीय कौशल को तकनीकी दक्षता से जोड़कर उन्हें बड़े मंच तक पहुँचाना है। इस फ्यूजन शो से ODOP उत्पादों को नया बाजार, नई पहचान और आधुनिक प्रस्तुति मिलेगी। पारंपरिक वस्त्र जब समकालीन डिजाइन के साथ प्रस्तुत होते हैं, तो उनकी मांग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती है। यह पहल artisans की आय, सम्मान और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के दौरान मॉडल्स के साथ artisans भी रैंप वॉक करेंगे, जो इस आयोजन को और अधिक भावनात्मक और प्रेरणादायक बनाएगा। “धरोहर – ODOP फ्यूजन शो” भारत की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक मंच पर स्थापित करने का एक सशक्त प्रयास है, जो आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।





