धर्मराज्य

Agra : बत्तीसवें वार्षिक उत्सव पर 22वां सामूहिक जनेऊ संस्कार संपन्न

सतगुरु स्वामी भगत प्रकाश महाराज जी के सान्निध्य में 35 बच्चों का विधिवत संस्कार

मनोहर समाचार, आगरा। सनातन संस्कृति, वैदिक परंपराओं एवं संस्कारों के संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ते हुए स्वामी टेँऊराम आश्रम, केदार नगर, शाहगंज, आगरा में बत्तीसवें वार्षिक उत्सव के अवसर पर 22वां सामूहिक जनेऊ संस्कार समारोह अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह पावन आयोजन सतगुरु स्वामी भगत प्रकाश महाराज जी की अध्यक्षता एवं पावन सान्निध्य में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 35 बच्चों का विधिवत जनेऊ संस्कार वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया।

कार्यक्रम स्थल पर प्रातःकाल से ही हजारों की संख्या में संगत, श्रद्धालु, अभिभावक एवं समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वैदिक परंपरा के अनुसार पंडित भूपेंद्र महाराज, पंडित जय किशन महाराज, पंडित विकास महाराज, पंडित दीपक महाराज, पंडित मयंक महाराज, पंडित अमित महाराज, पंडित नारी महाराज, पंडित विक्की महाराज, पंडित पुनित महाराज सहित अन्य आचार्यों द्वारा शुद्ध मंत्रोच्चार के साथ बच्चों को जनेऊ धारण कराया गया।

इस पावन अवसर पर सतगुरु स्वामी भगत प्रकाश महाराज जी के मुखारबिंद से खुशियों के भजन सत्संग ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उनके मधुर भजनों से संगत भाव-विभोर हो उठी। तत्पश्चात महाराज जी ने सत्संग के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जनेऊ संस्कार के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला एवं सभी बच्चों व उनके माता-पिता को आशीर्वचन प्रदान किए। उन्होंने कहा कि जनेऊ संस्कार संयम, अनुशासन, सदाचार एवं आत्मिक जागरण का प्रतीक है, जो बालक को धर्म, कर्तव्य और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का बोध कराता है।

आयोजन में आश्रम की मुख्य सेविका दीदी भगवंती साजनानी का विशेष योगदान रहा। उन्होंने अपने सेवाभाव, सरल व्यक्तित्व एवं संगठन क्षमता से पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप प्रदान किया। उनके मार्गदर्शन एवं समर्पण से यह आयोजन अत्यंत सफल एवं अनुकरणीय बना, जिसकी संगत एवं समाजजनों द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की गई।

कार्यक्रम में सम्मिलित परिवारों ने इस आयोजन को अपने जीवन का अत्यंत सौभाग्यपूर्ण क्षण बताते हुए आयोजकों एवं आश्रम प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में समिति के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सेवाभावी स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा।

समापन अवसर पर आयोजकों ने उपस्थित समस्त श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं एवं समाजबंधुओं का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के संस्कारात्मक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प दोहराया।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से तीर्थदास वरलानी,विनोद साजनानी, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, सुनील करमचंदानी, काली भाई,प्रतापराय लालवानी जगदीश मोहनानी,संजय नोतनानी,वासु भाई,सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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