Agra : नेशनल चैम्बर ने प्री-बजट मेमोरेडम वित्त मंत्री को किया प्रेषित
टीटीजेड में आयकर व जीएसटी के कलैक्शन के टारगेट को न बढ़ाने का किया गया अनुरोध

-वित्त मंत्री से आगरा को स्पेशल इकनोमिक जोन घोषित किये जाने की गयी मांग
-आयकरदाताओं को सोशल सिक्यूरिटी प्रदान किये जाने का दिया जोर
-अपील के निपटारे की समय सीमा की जानी चाहिये निर्धारित
-वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर छूट प्रदान किये जाने का किया गया अनुरोध
मनोहर समाचार, आगरा। नेशनल चैम्बर सभागार में आयकर प्रकोष्ठ की बैठक चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल की अध्यक्षता में पूर्व अध्यक्ष एवं आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनिल वर्मा जी के नेतृत्व प्री-बजट मेमोरेंडम पर चर्चा की गयी। बैठक में बताया गया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा ताज संरक्षित क्षेत्र घोषित किये जाने के बाद 1995 से आगरा औद्योगिक क्षेत्र में बुरी तरह पिछड़ गया है। टीटीजेड की शर्तों के कारण उद्योगों को विस्तारीकरण एवं नये उद्योग लगाना प्रतिबन्धित है। इस हेतु चैम्बर द्वारा वित्त मंत्री से अनुरोध किया गया कि आयकर व जीएसटी के कलैक्शन के टारगेट को नहीं बढ़ाया जाना चाहिये।
चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल व पूर्व अध्यक्ष एवं आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनिल वर्मा ने बताया कि आगरा में टीटीजेड की बंदिशें होने के कारण कच्चा माल बाहर से मांगाना पड़ता है जिससे उत्पाद की कॉस्ट बढ़ जाती है। आगरा में स्पेशल इकनोमिक जोन घोषित होने से उद्योगों को उत्पाद की लागत में कमी आयेगी और आगरा प्रतिस्पर्धा के क्षेत्र में अपना स्थान बना सकेगा। इसलिये चैैम्बर द्वारा आगरा को स्पेशल इकनोमिक जोन घोषित किये जाने की मांग की गयी तथा आयकरदाताओं को सोशल सिक्यूरिटी प्रदान की जानी चाहिये।
बैठक में चर्चा की गयी कि फेसलैस अपील में व्यापारियों को बहुत हानि हो रही है। अपील का निपटारा एक निर्धारित समय सीमा में होना चाहिये और निर्णय के समय सम्बन्धित अधिकारी को समस्त जबाबो और कागजों को संज्ञान में लेना चाहिये। चर्चा की गयी कि नई कर प्रणाली को और अधिक सुगम बनाने की आवश्यकता है। जैसे कि स्टैंडर्ड डिडेक्शन सैलरी क्लास के लिये एक लाख हो जाये। आवास ऋण पर ब्याज की छूट प्रदान की जानी चाहिये तथा जो छूट है वह वर्तमान परिस्थितियों के अनुकूल होनी चाहिये। एनपीएस की छूट मिलनी चाहिये, वरिष्ठ नागरिकों को एफडी की ब्याज पर छूट प्रदान की जानी चाहिये।
बैठक में सीए प्रार्थना जालान व अधिवक्ता राजकिशोर खंडेलवाल ने बताया कि अस्पताल में होने वाले खर्चे को 2 लाख के नकद खर्चे की सीमा के दायरे से बाहर करना चाहिये। पार्टनरशिप फर्म पर टैक्स रेट कम्पनीज के समान होनी चाहिये तथा पार्टनर पर टी.डी.एस. के नये प्रोविजन की समीक्षा होनी चाहिये।
बैठक में अध्यक्ष संजय गोयल, पूर्व अध्यक्ष एवं आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनिल वर्मा, कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल सदस्य दीपक महेश्वरी, प्रार्थना जालान, सुनील गोयल, राजकिशोर खंडेलवाल, अनूप गोयल, अवनीश कौशल, राजकुमार भगत थे।





