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Agra : उप्र एक्सपोर्ट सिंपोजियम 2026–27 : आगरा से तय होगी भारत के निर्यात भविष्य की वैश्विक राह

आगरा बनेगा निर्यात नीति और उद्योग संवाद का केंद्र, 9 और 10 जनवरी को होगा एक्सपोर्ट सिंपोजियम

-भारत के निर्यात विज़न 2030 को गति देगा उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट सिंपोजियम 2026–27
-‘वैश्विक भविष्य के लिए भारत के निर्यात को सशक्त बनाना’ होगी सिंपोजियम की थीम
-निर्यात विज़न 2030 से लेकर डिजिटल और ग्रीन एक्सपोर्ट तक होगा मंथन
-निर्यात उत्कृष्टता को मिलेगा सम्मान, दिए जाएंगे एक्सपोर्ट ग्रोथ कैटेलिस्ट अवॉर्ड 2026

मनोहर समाचार, आगरा। भारत को वैश्विक निर्यात मानचित्र पर और अधिक सशक्त एवं प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से आगामी 9 एवं 10 जनवरी को आगरा के होटल डबल ट्री बाय हिल्टन में आयोजित होने जा रहे उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट सिंपोजियम 2026–27 के आयोजन की औपचारिक घोषणा गुरुवार को हरी पर्वत स्थित होटल होलीडे इन में आयोजित उद्घोषणा समारोह के माध्यम से की गई। उद्घोषणा समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि लघु उद्योग निगम, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संरक्षक राकेश गर्ग, चमड़ा एवं फुटवियर उद्योग परिषद के अध्यक्ष एवं ऑर्गेनाइजिंग कमेटी के अध्यक्ष पूरन डाबर, सचिव एवं प्रोग्राम कन्वीनर मनीष अग्रवाल रावी, लघु जॉइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज अनुज कुमार, एफमेक के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता, चेयरमैन एडवाइजरी कमेटी किशोर खन्ना, जिला अध्यक्ष लघु उद्योग भारती विजय गुप्ता, महासचिव राजीव बंसल, नेशनल चैम्बर के अध्यक्ष संजय गोयल, पूर्व उपाध्यक्ष नेशनल चैम्बर अम्बा प्रसाद गर्ग, आगरा कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल, फ़िरोज़ाबाद ग्लास उद्योग से राजेंद्र गुप्ता, सीए आरके जैन, सीए नितेश गुप्ता, ब्रश एंड क्लीनिंग प्रोडक्शन एसोसिएशन के महासचिव नितिन अग्रवाल, चैम्बर ऑफ़ फ़ूड प्रोसेसिंग से अनुज सिंघल महासचिव, आईआईए से शुभम सिंघल, हेंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर एसोसिएशन से विकास द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।

मुख्य अतिथि राकेश गर्ग ने कहा कि “आज वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में निर्यात किसी भी राष्ट्र की आर्थिक मजबूती का प्रमुख आधार है। उत्तर प्रदेश में एमएसएमई, ओडओपी, कृषि, हस्तशिल्प, चमड़ा, फुटवियर, खाद्य प्रसंस्करण एवं विनिर्माण जैसे अनेक ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें वैश्विक प्रतिस्पर्धा की अपार क्षमता है। इस सिंपोजियम के माध्यम से नीति, उद्योग और बाजार के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा, जो निर्यात वृद्धि के लिए अनिवार्य है।”

पूरन डावर ने कहा कि “उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट सिंपोजियम केवल एक सम्मेलन नहीं बल्कि उद्योग जगत के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार करने का मंच है। यहां निर्यात से जुड़े नियम, गुणवत्ता मानक, वैश्विक बाजार की मांग, डिजिटल व्यापार और लॉजिस्टिक्स जैसे विषयों पर गहन विमर्श होगा, जिससे विशेषकर एमएसएमई निर्यातक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त बन सकेंगे।”

उत्तर प्रदेश के निर्यात भविष्य को गति देगा एक्स्पोर्ट सिंपोजियम
प्रोग्राम कन्वीनर मनीष अग्रवाल रावी ने बताया कि “यह दो दिवसीय सिंपोजियम ‘वैश्विक भविष्य के लिए भारत के निर्यात को सशक्त बनाना’ थीम पर आधारित होगा। इसमें भारत का निर्यात विज़न 2030, वैश्विक व्यापार रुझान, एफटीएएस, एमएसएमई, एवं ओडीओपी, निर्यात सशक्तिकरण, डिजिटल एवं ई-कॉमर्स निर्यात, गुणवत्ता व अनुपालन, निर्यात वित्त, जोखिम प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स आधुनिकीकरण, निर्यात स्टार्टअप्स, महिला उद्यमिता तथा ग्रीन एवं सतत निर्यात जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए जाएंगे।”

उन्होंने कहा कि “इस मंच पर नीति निर्माता, वरिष्ठ अधिकारी, निर्यातक, उद्योगपति, बैंकिंग एवं बीमा संस्थान, लॉजिस्टिक्स कंपनियां, स्टार्टअप्स और अंतरराष्ट्रीय खरीदार–विक्रेता एक साथ संवाद करेंगे, जिससे उत्तर प्रदेश के निर्यात इकोसिस्टम को नई दिशा मिलेगी।”

निर्यात उत्कृष्टता को मिलेगा सम्मान
सिंपोजियम के समापन सत्र में एक्स्पोर्ट ग्रोथ कैटेलिस्ट अवॉर्ड 2026 के माध्यम से उत्कृष्ट निर्यात प्रदर्शन करने वाले उद्यमों और व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा, जिससे उद्योग जगत में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा एवं नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

एक्सपोर्ट सिंपोजियम 2026–27 में ये रहेंगे प्रमुख विषय
गोपाल गुप्ता ने जानकारी दी कि “उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट सिंपोजियम 2026–27 की निर्यात संगोष्ठी में भारत के निर्यात भविष्य से जुड़े सभी प्रमुख विषयों पर समग्र विमर्श किया जाएगा। संगोष्ठी का केंद्र बिंदु भारत का निर्यात विज़न 2030 होगा, जिसके अंतर्गत वैश्विक व्यापार रुझानों, उभरते अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तथा बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही एमएसएमई निर्यात सशक्तिकरण, डिजिटल व्यापार एवं ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा देने, गुणवत्ता आश्वासन तथा वैश्विक अनुपालन मानकों की समझ विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा।”

संगोष्ठी में क्षेत्र-विशिष्ट निर्यात अवसरों की पहचान, वैश्विक मंच पर “ब्रांड इंडिया” को सुदृढ़ करने की रणनीतियाँ, मुक्त व्यापार समझौते एवं व्यापार कूटनीति की भूमिका पर भी विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। इसके अतिरिक्त निर्यात स्टार्टअप्स एवं नवाचार, महिला नेतृत्व वाले निर्यात उद्यमों को प्रोत्साहन, निर्यात क्लस्टर विकास, तथा लॉजिस्टिक्स एवं आपूर्ति श्रृंखला के आधुनिकीकरण जैसे विषयों पर गहन मंथन किया जाएगा।

साथ ही संगोष्ठी में स्थिरता एवं हरित निर्यात, अंतर्राष्ट्रीय खरीदार–विक्रेता नेटवर्किंग, निर्यात वित्तपोषण, बीमा एवं जोखिम प्रबंधन जैसे व्यावहारिक पहलुओं पर भी चर्चा होगी, जिससे उत्तर प्रदेश के निर्यातकों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए एक स्पष्ट और प्रभावी रोडमैप तैयार किया जा सके।

इन्होंने संभाली व्यवस्था
कार्यक्रम का संचालन सयुंक्त रूप से प्रोग्राम कन्वीनर मनीष अग्रवाल रावी एवं सीएस अनुज अशोक अग्रवाल द्वारा किया गया। कार्यक्रम की व्यवस्थाएं एडमिनिस्ट्रेटर अपरार्क शर्मा, दिलीप कुमार, अमित यादव, अनिल सविता प्रोग्राम समन्यवयक आदि ने संभाली।

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