Agra : श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट विराज रहो.

मनोहर समाचार, आगरा। श्री गोवर्धन की महिमा अपने आप में महान है, वहीं वृंदावन की लीला का अलग ही महत्व है। दयालबाग स्थित हनुमान मंदिर सरला बाग में राष्ट्रीय संत अरविंद जी महाराज द्वारा भागवत कथा के पांचवे दिन गोवर्धन की लीला, पूतना वध आदि का वृतांत सुनाया।

जहां गोवर्धन लीला में पूतना वध, कालिया नाग दमन, माखन चोरी, अधासुर वध की लीलाओं में भगवान की प्रभु लीला का वर्णन दिखाई दिया, तो वहीं श्री कृष्ण भगवान द्वारा गोपियों के चीर हरण एवं गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर मथुरा गोकुल वृंदावन के बृजवासियों को घनघोर बारिश से बचाना तथा यशोदा माता की अनुमति से पूतना राक्षसी द्वारा बालकृष्ण को दूध पिलाने के बहाने जहर देने और अपना असली रूप प्रकट करने पर श्री कृष्ण द्वारा पूतना का वध करना आज के प्रसंग एवं लीलाओं में शामिल रहा।

कथा प्रारंभ में व्यास पीठ पूजन गार्गी- समीर अग्रवाल, रचना- अंकुर अग्रवाल ने किया। आज की कथा में अरविंद जी महाराज के पुत्र युवा कथा वाचक अभिषेक जी महाराज ने भी कथा स्थल पर पधार कर अपने प्रवचन दिए। छप्पन भोग, गोवर्धन पर्वत की आकर्षक झांकी ने सभी को आकर्षित किया।

आज विशेष अतिथि के रूप में सुरेश चंद्र गर्ग “तपन ग्रुप”, अग्रवाल संगठन दयालबाग के अध्यक्ष कुलवंत मित्तल, राजीव खेमका, वीरेंद्र अग्रवाल आदि ने अरविंद जी महाराज एवं अभिषेक जी महाराज को मुकुट पहनाकर स्वागत किया। वहीं 51 दीपों से महा आरती की गई।





