स्वास्थ्य

Agra : इंटरनेशनल आयुष कॉन्क्लेव 3.0, जयपुर में आगरा की संस्था सीआईवीआईसी का जलवा

150 से आयुष विशेषज्ञों की भागीदारी, प्राकृतिक उपचार पद्धतियों पर बना विश्व रिकॉर्ड

मनोहर समाचार, आगरा। आगरा की प्रतिष्ठित संस्था सीआईवीआईसी काउंसिल फॉर इंटरनेशनल वैद्य इंटीग्रेशन एंड कोऑपरेशन द्वारा राजा पार्क, जयपुर स्थित होटल रमाडा में आयोजित इंटरनेशनल आयुष कॉन्क्लेव 3.0 जयपुर संस्करण में देश के 15 से अधिक राज्यों से आए 150 से अधिक आयुष चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक समग्र उपचार पद्धतियों के आधार पर गट हेल्थ एवं बॉडी डिटॉक्स विषय पर सामूहिक प्रयास करते हुए लेजेंड्स वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में एक नया विश्व रिकॉर्ड दर्ज किया गया। आयोजन का नेतृत्व आगरा के डॉ. एमएम कुरैशी एवं सीए अभिषेक जैन ने किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक बालमुकुंद आचार्य, प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार सिंह, निदेशक, होम्योपैथी विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों ने विशेषज्ञों देशभर से आए आयुष विशेषज्ञों को आयुष डायमंड ऑनर, प्लेटिनम ऑनर, गोल्ड ऑनर, आयुष एंटरप्रेन्योर ऑनर एवं लेजेंड्स वर्ल्ड रिकॉर्ड्स प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) जयश्री राठवा, गुजरात, प्रो. (डॉ.) राजीव पेरेस, संकलचंद पटेल विश्वविद्यालय, प्रो. (डॉ.) रिंकू बिश्वास, प्रयागराज, डॉ. दिनेश बालाच, बाड़मेर आदि वरिष्ठ आयुष चिकित्सकों ने प्राकृतिक उपचार और वैज्ञानिक शोध पर अपने विचार रखे। इंटरनेशनल आयुष कॉन्क्लेव के पहले आगरा संस्करण और फिर गोवा संस्करण की सफलता के बाद जयपुर में आयोजित तीसरे संस्करण ने देशभर में आयुष पद्धतियों के प्रति विश्वास, शोध और सहयोग के नए मानक स्थापित किए।

सीआईवीआईसी के संस्थापक डॉ. एमएम कुरैशी और सीए अभिषेक जैन ने बताया कि “संस्था का उद्देश्य आयुष पद्धतियों को वैज्ञानिक आधार पर मजबूत कर आगरा को राष्ट्रीय आयुष उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करना है।”

नेचुरल होलिस्टिक हीलिंग के माध्यम से बना विश्व रिकॉर्ड
डॉ एमएम कुरैशी ने बताया कि “कॉन्क्लेव के दौरान गट हेल्थ एवं बॉडी डिटॉक्स विषय पर प्राकृतिक समग्र उपचार पद्धतियों के आधार पर सामूहिक सत्र आयोजित किया गया।” इस सत्र में सभी विशेषज्ञों की सहभागिता से लेजेंड्स वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में एक सफल विश्व रिकॉर्ड दर्ज किया। जो आगरा की संस्था सीआईवीआईसी के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। इसमें बताया गया कि आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, प्रकृति चिकित्सा और योग को मिलाकर शरीर की प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया और पाचन स्वास्थ्य को वैज्ञानिक रूप से कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।

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