राष्ट्रीय

आईएएस नेहा शर्मा की बिहार में पर्यवेक्षक के रूप में बड़ी चुनौती

नेहा शर्मा एक ऐसा नाम जिसने महज 26 की उम्र में आईएएस बनकर सभी को चौंका दिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में डॉक्टर आरके शर्मा और डॉक्टर रजनी शर्मा के घर पैदा हुई नेहा शर्मा 2010 में यूपीएससी की परीक्षा में 66वीं रेंक लाकर आईएएस बनीं। नेहा शर्मा को उप्र कैडर मिला। फिरोजाबाद में बतौर जिलाधिकारी तैनात होने के बाद नेहा शर्मा ने फिरोजाबाद की तस्वीर बदल दी।

नेहा शर्मा गोंडा की भी डीएम रहीं। जहां भी उनकी तैनाती रही, वहीं उन्होंने अपने नाम को एक नई पहचान दी। बात सौंदर्यीकरण की हो, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की रही हो या फिर महिला सशक्तिकरण की हो, नेहा शर्मा ने सामाजिक सरोकार की भूमिका का अक्षरसह पालन किया है। परेशान लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना उनकी आदत में शुमार है।

वर्तमान में नेहा शर्मा महानिरीक्षक निबंधक उत्तर प्रदेश लखनऊ में तैनात हैं और पूरे प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उनकी कामयाबी उनका जुनून है। यही बजह है कि उन्होंने अपने आपको एक मजबूत कड़ी के रूप में स्थापित कर लिया है। तेजतर्रार, ईमानदार, मेहनतकश और सामाजिक तानेवाने से ओतप्रोत आईएएस नेहा शर्मा निरंतर कामयाबी के सोपान चढ़ रही हैं।

हाल ही में नेहा शर्मा को बिहार चुनाव में चुनाव अयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता ने बिहार चुनाव का पर्यवेक्षक बनाया है।

हाल ही में नेहा शर्मा को बिहार चुनाव में चुनाव अयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता ने बिहार चुनाव का पर्यवेक्षक बनाया है। नेहा शर्मा की देखरेख में बिहार चुनाव का पहले चरण का चुनाव हो चुका है। पहले चरण में अगर देखा जाए तो मतदान का प्रतिशत बेहतर रहा है। वहीं छुटपुट घटनाओं को छोड़ कोई बड़ी घटना देखने को नहीं मिली। यह चुनाव आयोग और पर्यवेक्षक की बड़ी कामयाबी है।

दूसरा चरण 11 नवम्बर को होना है। ये अपने आप में बड़ी बात है। चुनाव आयोग को उनकी ईमानदारी और कार्य कुशलता पर पूर्ण विश्वास होने के कारण ही उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। जिस पर आईएएस नेहा शर्मा पूर्णरूप से खरी उतरेंगी।

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