Agra : कंसासुर का संहार ,धर्म की हुई विजय, भक्ति का उमड़ा सैलाब
बल्केश्वर श्रीकृष्ण लीला में अधर्म पर धर्म की जीत का दिव्य अंकन, जयघोषों से गूंजा परिसर

मनोहर समाचार, आगरा। बल्केश्वर गौशाला प्रांगण में चल रहे भव्य श्रीकृष्ण लीला महोत्सव के दसवें दिन अत्याचारी कंसासुर वध की लीला ने जनमानस को रोमांचित कर दिया। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कंस का अंत होते ही पंडाल “जय श्रीकृष्ण! जय गोविंद!” के उद्घोष से गूंज उठा और भक्तों ने तन-मन से इस दिव्य क्षण का स्वागत किया। मुख्य अतिथि फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग परिषद अध्यक्ष पूरन डावर ने स्वरूपों की आरती उतारी। अग्रवाल महासभा से सतेंद्र अग्रवाल, वीरेंद्र जैन, पंकज मोहन शर्मा, मनोज नागा, वीके गोयल, पार्षद धर्मवीर डीके चौधरी उपस्थित रहे।

पहले भीम केशी और व्योमासुर वध की दिव्य लीलाओं का मंचन हुआ। तत्पश्चात नारदजी की स्तुति, कंस दरबार में संदेश और अक्रूरजी को श्रीकृष्ण-बलराम को मथुरा बुलाने हेतु भेजने की कथा हुई। अक्रूर गमन, गोपियों का विरह, श्रीकृष्ण का सांत्वना भाव, जमुना बाग में प्रवास और मथुरा में प्रवेश के भावपूर्ण दृश्य ने उपस्थित जनमानस को भावविभोर कर दिया।

रजक वध, दर्जी पर कृपा, कुवलियापीड हाथी मोक्ष, धनुष भंग, अखाड़े में प्रवेश, चाणूर-मुष्टिक युद्ध और अंततः कंस वध का भावपूर्ण मंचन हुआ। इसके बाद श्री उग्रसेन जी का राज्याभिषेक एवं वसुदेव-देवकी की कारागार से मुक्ति का दृश्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद भव्य आतिशबाजी के साथ 90 फुट के कंस के पुतले का दहन हुआ। आतिशबाजी से जय श्री कृष्ण, राधे राधे जैसे भक्तिपूर्ण पंक्तियां के साथ जैसे ही ऑपरेशन सिंदूर लिखा आया भारत माता के जय घोष की ध्वनि गूंज उठी।





