
मनोहर समाचार, आगरा। बैंड बाजों के भक्तिमय संगीत संग श्रीहरि के स्वरूप सालिगराम जी रथ पर विराजमान होकर तुलसी जी को ब्याहने श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन) पहुंचे। रमन वाटिका से विधी विधान के साथ ढोल नगाड़ों व बैंड बाजों संग बारात निकली। रास्ते में तिशबाजी भी की गई। झूमते गाते सैकड़ों बाराती (भक्त) सालिगराम जी की बारात में शामिल हुए, जगह-जगह पुष्प वर्षा कर बारातियों का स्वागत किया गया। सभी रीति रिवाज के साथ विवाह सम्पन्न हुआ।

श्रीजगन्नाथ मंदिर में आज सतरंगी फूलों से सालिगराम जी व तुलसी जी के विवाह के लिए मण्डप सजा था। तुलसी जी को भी लाल जोड़े में सोलह श्रंगार कर दुल्हन की तरह साजकर मण्डप में मंगल गीत गाते हुए सखियों द्वारा लेकर आया गया। बैंड बाजों और ढोल नगाड़ों संग इस्कॉन मंदिर पहुंची बारात का भव्य स्वागत किया गया। वधु पक्ष (सालिगराम जी) के परिजन के रूप में बारात के स्वागत के लिए थाल सजे खड़ीं थी रमारानी, मुरारीलाल फतेहपुरिया, कमल नयन सुनीता, मीनू, श्वेता, युगल, हेमन्त, मुकुन्द। कई भक्तों ने उपहार देकर तुलसी जी का कन्यादान लिया।

वृन्दावन से आए पंचतत्व प्रभु ने विवाह की सभी रस्मों को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सम्पन्न कराया। श्रद्धालुओं ने विवाह की सभी रस्मों पर मंगल गीत गाए। शगुन के गीतों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य भी किया। बारातियों में सुरेशचंद, राजेन्द्र कुमार, मनीष गोयल, संजय, अजय, सुनील, योगेश, अभिषेक, राहुल, रोहित, सूजल, उत्कर्ष, आरव, लक्ष्य, अक्षत थे। संध्या काल में तुलसी जी की विदाई की सभी रस्मों को सम्पन्न किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से इस्कॉन मंदिर आगरा के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप दास, शैलेन्द्र अग्रवाल, कामता प्रसाद अग्रवाल, आशु मित्तल, सुशील अग्रवाल, सुनील मनचंदा, संजीव मित्तल, संजीव बंसल, ओमप्रकाश अग्रवाल, हरिदास, अदिति गौरांगी, शाश्वत नन्दलाल, ज्योति बंसल, राजेश उपाध्याय, संजय कुकरेजा आदि उपस्थित रहे।





